होमखेलदेहरादून में शुरू हुआ २८वाँ अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता

देहरादून में शुरू हुआ २८वाँ अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता

२८वाँ अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता 

देहरादून के रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में बुधवार को आयोजित भव्य उद्घाटन समारोह के साथ वन खेलकूद प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। राज्य के वन मंत्री सुबोध उनियाल सहित कई गणमान्य अतिथि और खेल अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

हमारे संवाददाता बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने कहा कि २८वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता की मेजबानी उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने देशभर से आए वन अधिकारियों, खिलाड़ियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया और कहा कि देवभूमि में इस राष्ट्रीय आयोजन का होना राज्य के लिए सम्मान की बात है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस वर्ष प्रतियोगिता में कुल ३३९० खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि देश के ४२ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से टीमें पहुंची हैं और इनमें ७०० से अधिक महिला खिलाड़ी शामिल हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल अनुशासन, टीमवर्क और संघर्ष की भावना विकसित करते हैं, जो वन कर्मियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ८ शहरों में २३ खेल अकादमियां विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि एक राज्य खेल विश्वविद्यालय और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना भी की जा रही है ताकि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने वाले खिलाड़ियों को सरकार आउट ऑफ टर्न नियुक्ति प्रदान कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मान राशि प्रदान की जा रही है। हाल ही में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य स्नेहा राणा को ५० लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ने ‘ग्रीन गेम्स’ की थीम पर ३८वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन किया। उन्होंने बताया कि आयोजन में ई-वेस्ट और रिसाइकल्ड सामग्री का प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि २.७७ हेक्टेयर भूमि पर ‘खेल वन’ विकसित किया गया है, जहाँ १६०० से अधिक रुद्राक्ष वृक्ष पदक विजेताओं के नाम पर लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थल खेल और हरित चेतना का प्रतीक बनेगा।

हमारे संवाददाता जोड़ते हैं कि मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का ७१ प्रतिशत भूभाग वन क्षेत्र है, जो इसे देश का ‘ऑक्सीजन बैंक’ और ‘वाटर टॉवर’ बनाता है। उन्होंने बताया कि राज्य में ६ राष्ट्रीय उद्यान, ७ वन्यजीव विहार और ४ संरक्षण आरक्षित क्षेत्र हैं जिन्हें संरक्षण और उन्नत निगरानी की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि वन विभाग आधुनिक तकनीक का उपयोग कर संरक्षण को मजबूत कर रहा है। उन्होंने ड्रोन सर्विलांस, जीपीएस ट्रैकिंग और डॉग स्क्वॉड जैसी तकनीकों का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी कहा कि मानव–वन्यजीव संघर्ष में मुआवजा बढ़ाकर ६ लाख से १० लाख कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “सीएम यंग ईको-प्रिन्योर योजना” के माध्यम से युवाओं को नेचर गाइड, ड्रोन पायलट, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, ट्रेकिंग गाइड और इको-टूरिज्म उद्यमी के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कॉर्बेट में एक उन्नत रेस्क्यू सेंटर स्थापित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से हल्द्वानी जू सफारी परियोजना और उत्तरकाशी में प्रस्तावित स्नो लेपर्ड कंजरवेशन सेंटर की स्वीकृति हेतु सहयोग का अनुरोध किया।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए खिलाड़ियों से आग्रह किया कि वे परिसर में अपनी माताओं के नाम पर एक पौधा अवश्य लगाएँ। उन्होंने कहा कि यह कदम पर्यावरण संरक्षण और मातृ सम्मान दोनों को मजबूत करेगा।

अधिकारियों ने बताया कि यह प्रतियोगिता १२ नवम्बर से १६ नवम्बर तक चलेगी। प्रतिदिन विभिन्न खेल मुकाबले और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे। समापन समारोह १६ नवम्बर को होगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Uttarakhand Government

Most Popular

Recent Comments