मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून के मोहनी रोड स्थित दून इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित देहरादून साहित्य महोत्सव में प्रतिभाग किया और वेणु अग्राहारा ढींगरा द्वारा लिखित लीडिंग लेडीज ऑफ इंडिया पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, लेखक और गणमान्य उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य समाज की चेतना को आगे बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। हमारे संवाददाता बताते हैं कि उन्होंने अपने संबोधन में महिला सशक्तीकरण को देश और प्रदेश की प्रगति का अनिवार्य आधार बताया। उन्होंने कहा, “समग्र विकास तभी संभव है जब महिलाएं निर्णय-निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। आज की बेटियां हर क्षेत्र में अपने परिश्रम और क्षमता से नए मानक स्थापित कर रही हैं।”
मुख्यमंत्री ने पुस्तक के बारे में कहा कि यह देश की प्रेरणादायक महिलाओं की उपलब्धियों को पाठकों तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास है। हमारे संवाददाता जोड़ते हैं कि उन्होंने कहा, “लीडिंग लेडीज ऑफ इंडिया उन कहानियों को सामने लाती है जिन्हें पढ़कर युवा पीढ़ी में आत्मविश्वास और दृढ़ता का संचार होगा। यह पुस्तक केवल पढ़ने की नहीं, समझने और प्रेरित होने की पुस्तक है।”
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा महिला सशक्तीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड की हर महिला आर्थिक, सामाजिक और बौद्धिक रूप से सक्षम बने। सरकार ऐसी नीतियों पर काम कर रही है जो महिलाओं को अवसर, सुरक्षा और सम्मान तीनों उपलब्ध कराएं।”
उन्होंने आगे कहा कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की बढ़ती मांग राज्य की बदलती दिशा का संकेत है। उन्होंने कहा,
“आज हमारे स्वयं सहायता समूह न केवल परिवारों की आय बढ़ा रहे हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति भी दे रहे हैं। हम चाहते हैं कि गांव की हर महिला उद्यमी बने और अपने सपनों को साकार करे।”
उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “उत्तराखंड की आत्मा उसकी संस्कृति और लोक परंपराओं में बसती है। हमारी कोशिश है कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़कर रखा जाए और हमारी सांस्कृतिक धरोहर सदैव जीवंत बनी रहे।”
मुख्यमंत्री ने प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य लोगों को अपने मूल गांवों, परंपराओं और समुदायों से जोड़ना है। उन्होंने कहा, “प्रवासी उत्तराखण्डी आज दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहे हैं, और हमें गर्व है कि वे अपने गांवों के विकास में भी योगदान देना चाहते हैं। यही उत्तराखंड की असली शक्ति है।”
कार्यक्रम में प्रथम महिला श्रीमती गीता पुष्कर धामी, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, दून इंटरनेशनल स्कूल समूह के संस्थापक डी.एस. मान और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। साहित्यप्रेमियों और छात्रों ने मुख्यमंत्री के विचारों और पुस्तक विमोचन कार्यक्रम की सराहना की।






