होमउत्तराखंडसीएम धामी ने कपकोट में ₹108 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया

सीएम धामी ने कपकोट में ₹108 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया

बागेश्वर: कुमाऊं क्षेत्र में विकास को गति देने के लिए एक बड़े कदम के रूप में, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को बागेश्वर जिले के कपकोट में केदारेश्वर मैदान में एक विशाल जनसभा के दौरान ₹108 करोड़ की 42 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय विकास, सैन्य सम्मान और अवसंरचना सुधार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं और सवाड़ गांव की वीर परंपरा को नमन किया।

हमारे संवाददाता बताते हैं कि सवाड़ में आयोजित इस समारोह को लेकर स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखा गया, क्योंकि सवाड़ चमोली जिले का वह गांव है जिसने भारतीय सेना को अनेक वीर जवान दिए हैं। इसी भावनात्मक पृष्ठभूमि में कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कई योजनाओं का एलान करते हुए कहा कि सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि ग्वालदम देवाल वाण मोटर मार्ग को नंदा देवी राजजात यात्रा के उपरांत सीमा सड़क संगठन यानी बी आर ओ को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस मार्ग को एक सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाले संपर्क मार्ग के रूप में विकसित करना चाहती है।

उन्होंने आगे कहा कि रामपुर तोर्ती को कुमाऊं से जोड़ने वाली सड़क का निर्माण भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस सड़क के बन जाने से आवागमन के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी।

युवाओं के लिए खेल के अवसर बढ़ाने हेतु मुख्यमंत्री धामी ने थराली के तलवाड़ी और नंदानगर के लांखी क्षेत्र में दो मिनी स्टेडियमों के निर्माण की स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि सरकारी लक्ष्य यह है कि पहाड़ी क्षेत्रों के युवाओं को भी उत्कृष्ट खेल सुविधाएँ मिलें ताकि प्रतिभाओं को निखरने का मौका मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन नहीं है, बल्कि अनुशासन और व्यक्तित्व विकास का माध्यम भी है।

समारोह में सबसे प्रतीक्षित घोषणा थी सवाड़ के अमर शहीद सैनिक मेला को राजकीय मेला घोषित किया जाना। मुख्यमंत्री ने इस मांग को स्वीकार करते हुए कहा कि यह मेला वीर सैनिकों की परंपरा का गौरवशाली प्रतीक है और इसे राज्य स्तर का दर्जा देना सरकार का दायित्व है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से सैनिकों के योगदान को सम्मान मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने सवाड़ सैनिक स्मृति संग्रहालय का भी भ्रमण किया। उन्होंने देश की रक्षा में बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उत्तराखंड की धरती वीरों की भूमि है और यहां के लोग सदियों से राष्ट्र सुरक्षा में योगदान देते आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी एक सैनिक परिवार से आते हैं और इसलिए इस धरती से उनका भावनात्मक रिश्ता है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में हाल ही में चर्चा में रहे ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया और कहा कि भारत की सामरिक क्षमता बढ़ी है तथा देश रक्षा उपकरणों के मामले में आत्मनिर्भर होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत न केवल अत्याधुनिक हथियार बना रहा है, बल्कि दुनिया में उनका निर्यात भी कर रहा है।

सामाजिक मुद्दों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने लव जिहाद जैसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की है ताकि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू कर जनता से किया वादा पूरा किया है और यह निर्णय उत्तराखंड की सामाजिक संतुलन और समानता सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि घोषणाओं से अधिक महत्वपूर्ण उन्हें धरातल पर लागू करना है और सरकार इस दिशा में दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि चमोली और आसपास के क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी जिससे स्थानीय लोगों को ठोस लाभ प्राप्त होंगे।

कार्यक्रम में विधायक भूपाल राम टम्टा, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के अध्यक्ष रामचंद्र गौड़, उपाध्यक्ष हरक सिंह नेगी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। समारोह वीर शहीदों के सम्मान और विकास की नई घोषणाओं के साथ संपन्न हुआ।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Uttarakhand Government

Most Popular

Recent Comments