भारत की महिला क्रिकेट टीम ने आईसीसी महिला विश्वकप 2025 के सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में भारत ने 338 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए पांच विकेट से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह महिला विश्वकप इतिहास में किसी भी नॉकआउट मैच में सबसे बड़ा सफल रन चेज़ है।
पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने फोएबी लिचफील्ड (119 रन) की शानदार शतकीय पारी और एलिस पेरी (64) व एशली गार्डनर (58) के अर्धशतकों की मदद से 338 रन का विशाल स्कोर बनाया। ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआती ओवरों में तेज़ शुरुआत करते हुए 25 ओवर में 159 रन बना लिए थे, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने मिडल ओवरों में नियंत्रण कायम रखा और संभावित 360+ स्कोर को सीमित करने में सफलता पाई।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत सतर्क रही, लेकिन स्मृति मंधाना जल्द ही 24 रन पर आउट हो गईं। इसके बाद जेमिमा रॉड्रिग्स और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभालते हुए भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों के बीच 167 रन की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया।
जेमिमा ने शानदार लय में बल्लेबाजी करते हुए 118 गेंदों में नाबाद 127 रन बनाए, जबकि हरमनप्रीत ने 94 गेंदों में 89 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने बेहतरीन संयम और आत्मविश्वास दिखाते हुए गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाया। ऑस्ट्रेलिया की फील्डिंग, जो पूरे टूर्नामेंट में उनकी ताकत रही थी, इस मैच में कमजोर साबित हुई, क्योंकि दो आसान कैच छूट गए।
अंतिम ओवरों में जब रन रेट सात से ऊपर पहुंच गया, तब दीप्ति शर्मा (27 नाबाद) और अमनजोत कौर (19 नाबाद) ने संयम दिखाते हुए भारत को जीत दिलाई। अमनजोत ने फाइन लेग की ओर चौका लगाकर जीत पूरी की, जिसके साथ ही पूरे स्टेडियम में खुशी की लहर दौड़ गई।
जेमिमा रॉड्रिग्स को प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया। उन्होंने कहा, “हमने खुद पर विश्वास रखा और हर परिस्थिति में सकारात्मक बने रहे। यह जीत हमारे आत्मविश्वास और टीम वर्क की जीत है।”
ऑस्ट्रेलिया की कप्तान एलिसा हीली ने हार स्वीकार करते हुए कहा, “हमने कई मौके बनाए, लेकिन उन्हें भुना नहीं पाए। भारत ने शानदार बल्लेबाजी की और पूरी तरह जीत के हकदार रहे।”
इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत ने ऑस्ट्रेलिया के लगातार खिताबी अभियान को खत्म करते हुए तीसरी बार महिला विश्वकप के फाइनल में प्रवेश किया है। अब भारत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रविवार को खिताबी मुकाबले में उतरेगा।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस जीत को “भारतीय महिला क्रिकेट का स्वर्ण क्षण” बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि भारतीय बेटियों ने विश्व स्तर पर देश का नाम रोशन किया है।
क्रिकेट विशेषज्ञों ने इस मैच को विश्वकप इतिहास का सबसे रोमांचक सेमीफाइनल बताया। उन्होंने कहा कि जेमिमा और हरमनप्रीत की पारियां भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में मील का पत्थर साबित होंगी।
भारत अब फाइनल में जीत दर्ज कर अपना पहला महिला विश्वकप खिताब जीतने के इरादे से उतरेगा। टीम का संतुलित संयोजन, अनुभवी नेतृत्व और युवाओं का आत्मविश्वास उसे खिताब का प्रबल दावेदार बना रहा है।
यह जीत सिर्फ एक मैच की नहीं, बल्कि उस नए युग की शुरुआत है जिसमें भारतीय महिला क्रिकेट विश्व पटल पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है।






