उत्तराखण्ड सरकार की लोकप्रिय योजना ‘बिल लाओ इनाम पाओ’ का मेगा ड्रॉ आज देहरादून के एपीजे अब्दुल कलाम भवन में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन कर पारदर्शिता और उपभोक्ता जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
हमारे संवाददाता के अनुसार, राज्य भर से 87,000 उपभोक्ताओं ने योजना में पंजीकरण कराया और अब तक 6,39,057 जीएसटी बिल अपलोड किए गए, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹269.50 करोड़ है। आज कार्यक्रम के दौरान 1,888 पुरस्कारों के विजेताओं के नाम घोषित किए जाएंगे।
मेगा ड्रॉ में दो इलेक्ट्रिक कारें, 16 अन्य कारें, 20 इलेक्ट्रिक स्कूटर, 50 मोटरसाइकिलें, 100 लैपटॉप, 200 स्मार्ट टीवी, 500 टैबलेट और 1,000 माइक्रोवेव ओवन जैसे आकर्षक पुरस्कार शामिल हैं। प्रत्येक प्रतिभागी को अपने अपलोड किए गए बिलों के आधार पर जीतने का अवसर मिलेगा।
हमारे संवाददाता जोड़ते हैं कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे और विजेताओं को सम्मानित करेंगे। उन्होंने कहा है कि यह योजना नागरिकों को जिम्मेदार उपभोक्ता बनने और पारदर्शिता को अपनाने के लिए प्रेरित करती है। मुख्यमंत्री ने इसे सुशासन और जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।
वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह योजना 1 सितंबर 2022 को शुरू हुई थी और जनता की उत्साही प्रतिक्रिया को देखते हुए इसे 31 मार्च 2024 तक बढ़ाया गया। इस अवधि में हर महीने लकी ड्रॉ आयोजित किए गए और 1,500 विजेताओं को मोबाइल, स्मार्ट वॉच और ईयर बड्स जैसे पुरस्कार दिए गए। आज का मेगा ड्रॉ इस दो वर्ष लंबी योजना का अंतिम चरण है।
कार्यक्रम को पारदर्शी बनाने के लिए लाइव स्ट्रीमिंग और थर्ड पार्टी ऑडिट की व्यवस्था की गई है। सभी विजेताओं की पहचान डिजिटल रूप से सत्यापित की जाएगी।
वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें वाणिज्य कर आयुक्त शामिल हैं, कार्यक्रम में उपस्थित हैं। विभाग ने प्रतिभागियों के लिए हेल्पलाइन भी सक्रिय की है, जिससे वे पंजीकरण और पुरस्कार प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकें।
अधिकारियों का कहना है कि इस योजना से राज्य में कर पारदर्शिता और नागरिक उत्तरदायित्व की भावना मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में भी इसी तरह की योजनाओं को आगे बढ़ाएगी ताकि नागरिक ‘विकसित उत्तराखण्ड’ के निर्माण में सक्रिय भागीदार बन सकें।
वाणिज्य कर विभाग के अनुसार, इस योजना ने न केवल कर अनुपालन को बढ़ाया है बल्कि उपभोक्ताओं में जिम्मेदार खरीददारी की आदत भी विकसित की है।
आज हो रहा यह मेगा ड्रॉ राज्य की पारदर्शी और भागीदारी आधारित शासन व्यवस्था की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।






