राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड स्वास्थ्य विभाग ने 287 चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। इस भर्ती से विशेष रूप से पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने की उम्मीद की जा रही है।
हमारे संवाददाता के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्तावित इन 287 पदों में से 231 पद सीधे भर्ती के माध्यम से भरे जाएंगे, जबकि 56 पद बैकलॉग श्रेणी के हैं जो लंबे समय से रिक्त हैं। विभाग ने यह प्रस्ताव उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड (UKMSSB) को भेज दिया है और भर्ती की प्रक्रिया जल्द प्रारंभ की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन नियुक्तियों के तहत चिकित्सकों को जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य इकाइयों में तैनात किया जाएगा। सरकार ने पर्वतीय जिलों और दूरस्थ इलाकों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।
हमारे संवाददाता जोड़ते हैं कि स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने सभी जिलों से वर्तमान रिक्तियों का ब्योरा मांगा है ताकि नियुक्ति के बाद चिकित्सकों की तैनाती समयबद्ध ढंग से की जा सके। उन्होंने कहा कि “राज्य के हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए, और इसके लिए सरकार हर स्तर पर संसाधन सुदृढ़ कर रही है।”
अधिकारियों ने बताया कि इस भर्ती में चयनित चिकित्सकों को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सेवा देने पर विशेष भत्ते और प्रोत्साहन दिए जाएंगे। इससे पर्वतीय इलाकों में डॉक्टरों की स्थायी तैनाती को बढ़ावा मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित होगी।
राज्य के कई अस्पतालों में लंबे समय से चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। इस भर्ती से प्राथमिक, सामुदायिक और जिला अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों का कार्यभार कम होगा और मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि चिकित्सकों की भर्ती के साथ-साथ फार्मासिस्ट, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू की जाएगी, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में संतुलन और दक्षता बनी रहे।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि डॉक्टर-रोगी अनुपात सुधारने और सेवा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए निरंतर नियुक्ति और निगरानी व्यवस्था आवश्यक है।
सरकार ने नियुक्त चिकित्सकों के कार्य प्रदर्शन की समय-समय पर समीक्षा करने का निर्णय भी लिया है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
चिकित्सक संघों और नागरिक संगठनों ने इस पहल को सराहा है। उनका कहना है कि सरकार का यह निर्णय राज्य के हर नागरिक को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा 287 चिकित्सकों की भर्ती का यह निर्णय राज्य के स्वास्थ्य सुधार और सुशासन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।






