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सिलकुई इकाई में जीएसटी छापेमारी में ५ करोड़ की कर चोरी का खुलासा

जीएसटी छापेमारी

राज्य कर विभाग की विशेष कार्रवाई में सिलकुई स्थित एक फूड सप्लीमेंट निर्माण इकाई पर की गई जीएसटी छापेमारी के दौरान लगभग ५ करोड़ की कर चोरी का बड़ा मामला सामने आया। अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण दल ने इकाई के वित्तीय अभिलेख, गोदाम स्टॉक और डिजिटल दस्तावेजों की जांच के बाद यह अनियमितता दर्ज की।

हमारे संवाददाता बताते हैं कि वरिष्ठ अधिकारियों ने कंपनी के क्रय और विक्रय अभिलेखों में गंभीर विसंगतियां पाए जाने के बाद इस निरीक्षण का निर्देश दिया। टीम ने चालानों, ईवे बिल और कंसाइनमेंट रिकॉर्ड की समीक्षा की, जिसमें कई ऐसे लेनदेन मिले जिनके दस्तावेज तो मौजूद थे पर माल के वास्तविक आवागमन का कोई प्रमाण दर्ज नहीं हुआ।

छापेमारी कंपनी के कार्यालय और उत्पादन इकाई दोनों स्थानों पर की गई। टीम ने डिजिटल अकाउंट, स्टॉक रजिस्टर और परिवहन दस्तावेजों का परीक्षण किया। हमारे संवाददाता जोड़ते हैं कि कई ईवे बिल ऐसे वाहनों से जुड़े पाए गए जो किसी भी टोल प्लाजा से नहीं गुजरे थे, जिससे यह संकेत मिला कि दस्तावेज बिना वास्तविक माल भेजे जारी किए गए थे।

अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में कंपनी ने अनियमितताओं को स्वीकार किया। निरीक्षण टीम द्वारा निष्कर्ष प्रस्तुत किए जाने के तुरंत बाद कंपनी ने १ करोड़ ७५ लाख जमा किए। शेष राशि का निर्धारण जब्त दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की विस्तृत जांच के बाद होगा।

निरीक्षण दल में उपकर आयुक्त सुरेश कुमार, टी आर चन्याल, अलीशा बिष्ट, असद अहमद, कंचन थापा और अनुराग पाठक शामिल थे। टीम ने लेनदेन प्रविष्टियों, स्टॉक अंतर और पिछले वित्तीय वर्षों में दाखिल कर अभिलेखों का विस्तृत मूल्यांकन किया।

अधिकारियों ने बताया कि जब्त दस्तावेज अब फॉरेंसिक विश्लेषण से गुजरेंगे, जिससे कंपनी के वास्तविक कारोबार और कर देनदारी का निर्धारण होगा। डिजिटल डेटा से यह भी स्पष्ट होगा कि क्या कंपनी ने अघोषित आपूर्तिकर्ताओं या शेल इकाइयों के माध्यम से लेनदेन किए थे।

रिकॉर्ड सत्यापन पूरा होने के बाद मामला अगले चरण में प्रवेश करेगा। अंतिम मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर दंडात्मक कार्रवाई और वसूली प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। यदि जांच में अन्य इकाइयों या वितरकों से जुड़ी अनियमितताएं मिलती हैं, तो दायरा भी बढ़ाया जा सकता है।

राज्य कर विभाग ने कहा कि यह कार्रवाई औद्योगिक क्षेत्रों में अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही सख्त जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाल के निरीक्षणों में कई क्षेत्रों में विसंगतियां पाई गई हैं और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।

सिलकुई इकाई में सामने आई अनियमितताएं उच्च उत्पादन वाले औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। विभाग का कहना है कि आने वाले महीनों में निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा और जोखिम संकेतकों के आधार पर और इकाइयों का निरीक्षण होगा।

जांच अभी जारी है और लेखा परीक्षा दल द्वारा विस्तृत रिपोर्ट तैयार होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि पूरा मामला कानून और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार आगे बढ़ेगा।

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