धामी-राजनाथ बैठक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भेंट की और उत्तराखंड से जुड़े कई सामरिक महत्व के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने देहरादून में स्थित एयर फ़ोर्स ऑडिट ब्रांच को प्रस्तावित रूप से स्थानांतरित न करने तथा इसे देहरादून में ही बनाए रखने का अनुरोध किया। उन्होंने नन्दा राजजात यात्रा के मुख्य मार्ग ग्वालदम, नंदकेसरी, थराली, देवाल, मुंडोली और वाण मोटर रोड के रखरखाव और सुधार कार्यों को निरंतर उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग के अधीन रखने की भी मांग की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति इसे अत्यधिक संवेदनशील बनाती है क्योंकि राज्य की सीमाएं चीन और नेपाल से लगती हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अनेक सामरिक और सुरक्षा प्रतिष्ठान स्थित हैं, ऐसे में एयर फ़ोर्स ऑडिट ब्रांच का देहरादून में रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नन्दा राजजात यात्रा का मार्ग धार्मिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और इसका रखरखाव स्थानीय स्तर पर होना चाहिए।
नई दिल्ली में आदरणीय केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh जी से भेंट कर राज्यहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस दौरान उनसे देहरादून स्थित एयर फ़ोर्स ऑडिट ब्रांच कार्यालय के प्रस्तावित स्थानांतरण एवं नंदा राजजात यात्रा का प्रमुख… pic.twitter.com/Yig1QbfiPF
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) November 16, 2025
बैठक के बाद मुख्यमंत्री धामी ने अपने एक्स हैंडल पर भी इस मुलाकात के बारे में पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “नई दिल्ली में आदरणीय केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh जी से भेंटकर राज्य के हित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की एवं उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस दौरान देहरादून स्थित एयर फ़ोर्स ऑडिट ब्रांच कार्यालय के प्रस्तावित स्थानांतरण तथा नन्दा राजजात यात्रा के मुख्य मार्ग—ग्वालदम-नंदकेसरी-थराली-देवाल-मुंडोली-वाण मोटर रोड—के रखरखाव एवं सुधार कार्यों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।”
अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, “विभिन्न अनुरोधों पर सकारात्मक आश्वासन देने के लिए आदरणीय केन्द्रीय रक्षा मंत्री जी का हार्दिक आभार।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री की मांगों पर सकारात्मक रूप से विचार करने का आश्वासन दिया और कहा कि संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उठाए गए मुद्दों को केंद्र सरकार के सुरक्षा और विकास संबंधी प्राथमिकताओं के अनुरूप देखा जाएगा।
बैठक को प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे कई लंबित सामरिक मामलों के समाधान की दिशा में प्रगति होने की उम्मीद है।






