देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कबड्डी वर्ल्ड कप के फाइनल में भारतीय महिला टीम की ऐतिहासिक जीत पर सोमवार को हार्दिक बधाई दी और कहा कि खिलाड़ियों का जज़्बा, मेहनत और संकल्प हर भारतीय को गौरवान्वित करता है। चीनी ताइपे पर मिली रोमांचक जीत के साथ भारत ने लगातार दूसरी बार विश्व खिताब अपने नाम किया, जो देश के लिए गर्व का क्षण है।
मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में इस उपलब्धि को “राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक” बताते हुए कहा कि भारतीय बेटियों ने अपना सर्वोत्तम प्रदर्शन कर दुनिया को दिखाया है कि क्षमता, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ हर चुनौती पर विजय पाई जा सकती है। उन्होंने लिखा कि यह जीत महिला शक्ति, समर्पण और उत्कृष्टता का जीवंत उदाहरण है।
मुख्यमंत्री का संदेश देशभर में तेजी से प्रसारित हुआ और खेल जगत के साथ नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक इसे साझा किया। धामी ने कहा कि महिला खिलाड़ियों की यह उपलब्धि न केवल भारत की खेल क्षमता को साबित करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि देश की बेटियां विश्व मंच पर लगातार नए आयाम स्थापित कर रही हैं।
देशभर के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री धामी का संदेश वर्तमान खेल वातावरण को सटीक रूप से प्रतिबिंबित करता है, जहां महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों को लगातार सम्मान और समर्थन मिल रहा है। धामी के अनुसार, “यह जीत हर उस लड़की के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखने का साहस रखती है।”
फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम का दबदबा स्पष्ट दिखाई दिया। चीनी ताइपे की टीम ने अच्छी तैयारी के साथ मैदान में उतरी थी, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों के तेज़ रेड, सामंजस्यपूर्ण डिफेंस और रणनीतिक कॉर्नर टैकल्स के सामने वे टिक नहीं सकीं। पूरी प्रतियोगिता के दौरान भारत ने मजबूत फिटनेस, अनुशासित खेल और सामूहिक तालमेल का शानदार प्रदर्शन किया।
इस ऐतिहासिक जीत को समझने के लिए भारतीय टीम की पूरे टूर्नामेंट की यात्रा पर भी नजर डालना जरूरी है। 2025 संस्करण में टीम ने हर मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। ग्रुप चरण में भारत ने ईरान, दक्षिण कोरिया, अर्जेंटीना और केन्या को हराकर अजेय रहते हुए नॉकआउट के लिए क्वालीफाई किया। ईरान के खिलाफ जीत विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही, क्योंकि यह हमेशा से भारत की प्रमुख प्रतिद्वंदी टीमों में गिनी जाती है।
सेमीफाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को नियंत्रित खेल और फुर्तीले मूव्स के दम पर पराजित किया। निर्णायक क्षणों में खिलाड़ियों की संयमित रणनीति और अनुभव स्पष्ट दिखाई दिया, जिसने टीम को फाइनल तक पहुँचाया।
फाइनल में प्रवेश करते ही विशेषज्ञों का मानना था कि भारत खिताब का सबसे बड़ा दावेदार है—और टीम ने उस विश्वास को सही साबित किया। जीत के साथ भारत ने महिला कबड्डी में अपनी सर्वोच्च स्थिति को और मजबूत कर दिया।
मुख्यमंत्री धामी के संदेश ने खिलाड़ियों को “देश की प्रेरणा” बताया। खेल संघों, स्कूलों और अकादमियों ने धामी के संदेश को साझा करते हुए कहा कि यह जीत महिला खेलों को नई ऊर्जा देगी और भविष्य की खिलाड़ियों को उत्साह प्रदान करेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार दो विश्व खिताब जीतने से भारत ने वैश्विक कबड्डी में एक नया मानक स्थापित किया है। यह जीत बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं, सरकारी सहयोग, और जमीनी स्तर पर बढ़ती भागीदारी का परिणाम है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह विजय केवल खेल क्षेत्र की उपलब्धि नहीं है, बल्कि सामाजिक संदेश भी देती है कि अवसर और समर्थन मिलने पर देश की बेटियाँ विश्व के किसी भी मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। धामी के अनुसार, “हमारी खिलाड़ियों का यह साहस और समर्पण प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणा है।”
महिला कबड्डी टीम को अब कई राष्ट्रीय कार्यक्रमों में सम्मानित किया जाएगा। खेल मंत्रालय और विभिन्न संस्थानों ने प्रशिक्षण, पोषण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सहभागिता को और बढ़ाने की दिशा में कदम उठाने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री धामी का संदेश इस जीत पर राष्ट्रीय प्रतिक्रिया का प्रमुख केंद्र रहा। यह जीत भारत के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है।






