देहरादून: राज्य प्रशासन ने मंगलवार को स्मार्ट सिटी ग्रीन बिल्डिंग की स्थिति की समीक्षा की और इसे शीघ्र पूरा करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए। शहर के सचिवालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने की और इसमें स्मार्ट सिटी कार्यक्रम से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति और समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपायों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान स्मार्ट सिटी ग्रीन बिल्डिंग परियोजना में हो रही देरी पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने इसे देहरादून स्मार्ट सिटी का प्रमुख (फ़्लैगशिप) प्रोजेक्ट बताते हुए कहा कि इसकी प्रगति किसी भी स्थिति में धीमी नहीं रहनी चाहिए। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी देहरादून तथा सीईओ स्मार्ट सिटी को निर्देश दिया कि स्मार्ट सिटी ग्रीन बिल्डिंग का निर्माण आगामी छह माह के भीतर हर हाल में पूरा सुनिश्चित किया जाए।
हमारे संवाददाता बताते हैं कि मुख्य सचिव ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए सीपीडब्ल्यूडी को तीन शिफ्टों में कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगले छह माह के भीतर प्रत्येक कार्य के लिए स्पष्ट टाइमलाइन निर्धारित की जाए और प्रगति की नियमित समीक्षा हो। उन्होंने जोर दिया कि देरी को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने देहरादून स्मार्ट सिटी के अंतर्गत चल रही अन्य प्रमुख परियोजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी द्वारा संचालित ३० इलेक्ट्रिक बसों का संचालन अब परिवहन निगम द्वारा किया जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य संचालन में पारदर्शिता लाना, सेवाओं की गुणवत्ता सुधारना और दीर्घकालिक व्यावहारिकता सुनिश्चित करना है।
हमारे संवाददाता जोड़ते हैं कि बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगाए गए वीएमडी (एलईडी स्क्रीन) और पर्यावरण सेंसर को नगर निगम देहरादून को हस्तांतरित किया जाएगा। मुख्य सचिव ने कहा कि इन उपकरणों का सक्रिय उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि नागरिकों को सटीक सूचना और पर्यावरण संबंधी वास्तविक समय आंकड़े उपलब्ध हों।
बैठक में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के संचालन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि आईसीसीसी को आगे भी आईटीडीए के अधीन ही संचालित किया जाएगा, ताकि डेटा-आधारित शहरी प्रबंधन और तकनीकी निगरानी प्रणाली में निरंतरता बनी रहे।
हमारे संवाददाता बताते हैं कि मुख्य सचिव ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजनाएं शहर के भविष्य की आधारशिला हैं और इनका समय पर पूरा होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि परियोजना की प्रगति में किसी भी प्रकार की बाधा तुरंत दूर की जाए और नियमित अंतराल पर विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का उद्देश्य नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। इसलिए इनके समय पर पूरा होने से न केवल शहरी ढांचे में सुधार होगा, बल्कि यातायात प्रबंधन, निगरानी प्रणाली, पर्यावरणीय डेटा विश्लेषण और सार्वजनिक सुविधाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
हमारे संवाददाता जोड़ते हैं कि मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक परियोजना की मॉनिटरिंग मजबूत की जाए और गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन हो। उन्होंने कहा कि देहरादून के लिए स्मार्ट सिटी ग्रीन बिल्डिंग एक महत्वपूर्ण संस्थागत ढांचा है, जो प्रशासनिक सेवाओं और तकनीकी संचालन को मजबूत करेगा।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, जिलाधिकारी एवं सीईओ स्मार्ट सिटी सविन बंसल, अपर सचिव डॉ. इक़बाल अहमद, परिवहन एमडी श्रीमती रीना जोशी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






