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उत्तराखंड में मतदाता सूची संशोधन अभियान शुरू

देहरादून: उत्तराखंड निर्वाचन विभाग ने एक विशेष मतदाता सूची संशोधन अभियान शुरू किया है, जिससे नागरिकों को आगामी विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण से पहले अपने नाम जोड़ने, हटाने या सही करने का अवसर मिलेगा। हमारे संवाददाता बताते हैं कि यह प्रक्रिया आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण से पहले प्रारम्भ की गई है, ताकि नागरिक समय रहते अपनी प्रविष्टियों को सही कर सकें और मतदान अधिकार से वंचित न हों।

निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस चरण में पात्र नागरिक नये मतदाता के रूप में पंजीकरण करा सकते हैं, पुराने पते से नाम हटवा सकते हैं या अपनी प्रविष्टि में आवश्यक संशोधन कर सकते हैं। “यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू होते ही केवल आवेदन लिए जाएंगे, लेकिन संशोधन पूरे पुनरीक्षण के बाद ही किए जाएंगे,” एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा।

अधिकारियों ने विशेष रूप से उन नागरिकों को सचेत किया है जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं। उन्हें तुरंत नाम हटाने का आवेदन करने की सलाह दी गई है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की कानूनी जटिलता से बचा जा सके। साथ ही, ऐसे युवक-युवतियों को भी जल्द पंजीकरण करने का आग्रह किया गया है, जिन्होंने हाल ही में १८ वर्ष की आयु पूरी की है।

नये पंजीकरण, नाम हटाने और संशोधन के लिए क्रमशः प्रपत्र ६, ७ और ८ ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध हैं। आवेदक आधार संख्या से लिंक पहचान और मोबाइल नंबर के माध्यम से ओटीपी सत्यापन कर दस्तावेज़ अपलोड कर सकते हैं।

देहरादून की एक निवासिनी, जिनका पता हाल में बदला था, ने कहा, “पिछले वर्ष हमने घर बदला था। यह मेरे लिए अपने पते को अपडेट करने और मतदान अधिकार को सुरक्षित रखने का सही अवसर है।” एक अन्य नागरिक ने नाम-पुनरावृत्ति हटाने की सुविधा को आवश्यक बताया और कहा कि यह भ्रम व नोटिस से बचने का प्रभावी तरीका है।

विशेष गहन पुनरीक्षण, जो निर्वाचन आयोग द्वारा देशभर में किया जाने वाला वार्षिक अभियान है, का उद्देश्य मृत, स्थानांतरित, अयोग्य या दोहराए गए नामों को हटाना तथा सही और अद्यतन मतदाता सूची तैयार करना है। उत्तराखंड में भी जिला प्रशासन ने इसके लिए पूर्व-तैयारियाँ आरम्भ कर दी हैं।

चुनावी विश्लेषकों के अनुसार यह अभियान प्रवासी श्रमिकों, नए मतदाताओं और पिछले वर्षों में पता बदलने वाले लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का कहना है कि “सटीक और त्रुटिरहित मतदाता सूची निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की आधारशिला है।”

निर्वाचन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवसर का समय रहते लाभ उठाएँ और अंतिम क्षण तक प्रतीक्षा न करें। विलंब की स्थिति में आगामी पुनरीक्षण अवधि तक मतदाता सूची से नाम छूटने का खतरा रहता है, जिससे अस्थायी रूप से मतदान अधिकार बाधित हो सकता है।

राज्य में प्रारम्भ हुए इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का केवल एक वैध नाम मतदाता सूची में मौजूद हो और सूची त्रुटिरहित, अद्यतन एवं पारदर्शी बनी रहे।

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