होमउत्तराखंडसीएम धामी ने उत्तराखण्ड@25 पुस्तक का किया विमोचन

सीएम धामी ने उत्तराखण्ड@25 पुस्तक का किया विमोचन

देहरादून: उत्तराखंड की साहित्यिक और नीतिगत समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को अपने आवास पर राज्य स्थापना के पच्चीस वर्षों पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया। यह प्रकाशन उत्तराखंड की स्थापना के बाद की पच्चीस वर्ष की विकास यात्रा, उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं को विस्तृत रूप से प्रस्तुत करता है।

उत्तराखण्ड@25: लुकिंग बैक-लुकिंग फॉरवर्ड शीर्षक वाली इस पुस्तक को दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर तथा भारतीय लोक प्रशासन संस्थान द्वारा प्रकाशित किया गया है। इसमें कुल अट्ठाईस विस्तृत लेख शामिल हैं, जिन्हें इकतीस लेखकों और सह लेखकों ने लिखा है। लेख शासन व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, पर्यावरणीय चुनौतियों, आर्थिक योजनाओं, ग्रामीण पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण, संस्कृति, कृषि और पत्रकारिता जैसे विषयों पर केंद्रित हैं।

हमारे संवाददाता के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुस्तक राज्य की प्रगति का सार प्रस्तुत करती है और आने वाले पच्चीस वर्षों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी देती है। उन्होंने कहा कि यह संग्रह उत्तराखंड की यात्रा और विकास को विश्लेषणात्मक दृष्टि से समझने में मदद करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लेखों से समझ में आता है कि उत्तराखंड ने शुरुआती चुनौतियों का सामना किस तरह किया और विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत आधार कैसे तैयार किए। उन्होंने कहा कि विषय विशेषज्ञों के विचार भविष्य के नीति निर्माताओं को संतुलित और दूरदर्शी निर्णय लेने में मदद करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तक शोधकर्ताओं, प्रशासकों और समाज से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य की उपलब्धियों तथा अनुभवों को दस्तावेज़ के रूप में संरक्षित रखना आने वाली पीढ़ियों और नीतिगत प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने संपादकीय टीम और लेखकों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

हमारे संवाददाता जोड़ते हैं कि मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना के बाद से उत्तराखंड द्वारा प्राप्त की गई प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों के राष्ट्रीय सूचकांक में राज्य को प्रथम स्थान मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखंड को अचीवर्स श्रेणी मिली है और स्टार्टअप रैंकिंग में राज्य को लीडर्स श्रेणी में स्थान प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है और लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस तथा सिंगल विंडो सिस्टम में भी राज्य अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। उन्होंने बताया कि पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखंड को कई राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं और मत्स्य विकास में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य को सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार भी मिला है।

उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की आय वृद्धि में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बनने का गौरव भी उत्तराखंड को प्राप्त हुआ है।

हमारे संवाददाता बताते हैं कि पुस्तक में हिमालयी क्षेत्रों में पर्यावरणीय दबावों, लगातार आने वाली आपदाओं, और मजबूत नीति निर्माण की आवश्यकता पर भी विस्तृत चर्चा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन एक दीर्घकालिक प्रक्रिया है जिसके लिए निरंतर तैयारी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण आवश्यक है।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य को प्रशासनिक और वैज्ञानिक दोनों क्षमताओं को मजबूत करना होगा। उन्होंने संकेत किया कि बादल फटने और भूस्खलन जैसी घटनाओं से मिले अनुभवों ने राज्य को बेहतर तैयार होने में मदद की है।

हमारे संवाददाता जोड़ते हैं कि पुस्तक में पहाड़ी क्षेत्रों से हो रहे पलायन और उसके प्रभावों पर भी महत्वपूर्ण लेख शामिल हैं। इन लेखों में बताया गया है कि किस प्रकार आधारभूत ढांचा, स्वास्थ्य सुविधाएं और रोज़गार के अवसर लोगों के निर्णयों को प्रभावित करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आजीविका बढ़ाने और पलायन रोकने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले पच्चीस वर्षों में उत्तराखंड को नवाचार, संतुलित विकास और सतत प्रगति पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक नीति निर्माताओं को ऐसे निर्णय लेने में सहायता देगी जो जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप हों।

विमोचन कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी, विद्वान, लेखक, पूर्व प्रशासक और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। मुख्य संपादक एन.एस. नपलच्याल, संपादक एन. रवि शंकर, डॉ. सुधारानी पांडेय, दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर के अध्यक्ष प्रोफेसर बी.के. चौधरी और कई अन्य विशिष्ट अतिथि भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि उत्तराखण्ड@25ः लुकिंग बैक-लुकिंग फॉरवर्ड पुस्तक शोधकर्ताओं, प्रशासकों और युवाओं को एक मजबूत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण में प्रेरित करेगी।

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