होमउत्तराखंडचम्पावत में मुख्य सचिव ने परियोजनाओं की समीक्षा तेज करने को कहा

चम्पावत में मुख्य सचिव ने परियोजनाओं की समीक्षा तेज करने को कहा

चम्पावत: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के दो दिवसीय चम्पावत दौरे के दौरान जिले की प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया और संबंधित विभागों को कार्यों में गति लाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। हमारे संवाददाता बताते हैं कि मुख्य सचिव एनएचपीसी बनबसा हेलीपैड पहुँचे, जहाँ कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।

एनएचपीसी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने शारदा कॉरिडोर, इनलैण्ड पोर्ट अथॉरिटी, टनकपुर–बागेश्वर रेलवे परियोजना, बाढ़ सुरक्षा कार्य, टनकपुर–बनबसा वाटर सप्लाई स्कीम, आईएसबीटी टनकपुर और ब्रिडकुल द्वारा निर्मित किये जा रहे पुलों जैसी महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं की प्रगति पर विभागीय प्रस्तुतिकरण सुने। उन्होंने कहा, “चम्पावत की विकास परियोजनाएँ राज्य के लिए मॉडल साबित हो सकती हैं, इसलिए इनकी प्रगति तेज और गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए।”

शारदा कॉरिडोर पर विशेष ध्यान

मुख्य सचिव बर्द्धन ने शारदा रिवर फ्रंट और उससे संबंधित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को और मजबूत बनाया जाए। उन्होंने पूर्णागिरि रोपवे कार्य की समयसीमा तय करते हुए कहा कि निर्माण एजेंसी हर सप्ताह जिलाधिकारी को प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराए।
उन्होंने कहा, “शारदा कॉरिडोर जनसहभागिता, पर्यटन और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके लिए प्रत्येक विभाग समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करे।”

टनकपुर–बागेश्वर रेल लाइन पर विस्तृत एलाइमेंट तैयार करने के निर्देश

बैठक में टनकपुर–बागेश्वर रेलवे लाइन की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि रेल लाइन के विस्तृत एलाइमेंट में चम्पावत, लोहाघाट और अल्मोड़ा को जोड़ने पर भी विचार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा, “रेल परियोजना पर्वतीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को नई दिशा दे सकती है। इसके लिए सभी तकनीकी और भूगर्भीय पहलुओं को ध्यान में रखकर प्रस्ताव शीघ्र तैयार किए जाएँ।”

बाढ़ सुरक्षा कार्यों में नवाचार की जरूरत

बाढ़ प्रबंधन कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को परंपरागत तरीकों से हटकर कम लागत वाले प्रभावी सुरक्षा मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पाँच करोड़ रुपये से कम लागत वाले प्रस्तावों को मुख्यमंत्री घोषणा के माध्यम से तेज़ी से स्वीकृत कराया जाए ताकि पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा कार्य समय रहते पूरे किए जा सकें।

पेयजल, आईएसबीटी और पुल निर्माण की रफ्तार बढ़ाने के आदेश

मुख्य सचिव ने टनकपुर और बनबसा की वाटर सप्लाई योजनाओं, आईएसबीटी निर्माण और ब्रिडकुल के तहत बन रहे पुलों की धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त की और स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे हों। उन्होंने कहा, “जनता से सीधे जुड़े इन प्रोजेक्टों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागीय समन्वय बढ़ाया जाए और फील्ड में नियमित निरीक्षण किया जाए।”

बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

बैठक में कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, एनएचपीसी प्रमुख ऋषि रंजन आर्य, शारदा कॉरिडोर से जुड़े अधिकारी, एनएचएआई के पीडी जोगेंद्र शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार और बनबसा अध्यक्ष रेखा देवी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने मुख्य सचिव को परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया और आगामी चरणों की कार्ययोजना प्रस्तुत की। मुख्य सचिव बर्द्धन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक योजना का फील्ड निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए और समस्याओं के समाधान के लिए अंतर-विभागीय समन्वय मजबूत किया जाए।

उन्होंने कहा, “चम्पावत जिला राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में से है। यहाँ की परियोजनाएँ आधुनिक बुनियादी ढाँचा, पर्यटन और कनेक्टिविटी को नई ऊँचाइयों पर ले जाएँगी।”

मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद उम्मीद है कि जिले की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों में तेजी आएगी।

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