पौड़ी गढ़वाल: डिजिटल युग के लिए भारत के पारंपरिक डाक नेटवर्क को नया रूप देने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में, डाक विभाग ने रविवार को पौड़ी जिले के घुड़दौड़ी स्थित गोविंद बल्लभ पंत इंजीनियरिंग कॉलेज (जीबीपीईसी) में राज्य के पहले जेन-जेड डाकघर का उद्घाटन किया।
यह नया जेन-ज़ेड डाकघर न केवल अपने आकर्षक और रंगीन स्वरूप के लिए विशेष है, बल्कि उन आधुनिक सुविधाओं के लिए भी जो युवाओं, खासकर जेन-ज़ेड पीढ़ी की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई हैं। इस डाकघर का औपचारिक शुभारम्भ मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, उत्तराखंड परिमंडल, श्रीमती शशि शालिनी कुजूर तथा कॉलेज निदेशक डॉ. वी.के. बंगा ने संयुक्त रूप से किया।
शुभारम्भ के अवसर पर बोलते हुए श्रीमती कुजूर ने कहा, “यह बदलाव केवल सुंदरता का नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डाकघर को पुनर्परिभाषित करने का प्रयास है। हम चाहते हैं कि युवा पीढ़ी डाक विभाग को अपने डिजिटल साथी के रूप में देखे।”
कॉलेज निदेशक डॉ. बंगा ने छात्रों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा, “इस नवीनीकरण में हमारे विद्यार्थियों की रचनात्मक भागीदारी रही है। यह डाकघर अब सिर्फ सेवा केंद्र नहीं, बल्कि कैंपस जीवन का हिस्सा है।”
जेन-ज़ेड डाकघर की आधुनिक सुविधाएँ
हमारे संवाददाता बताते हैं कि अपग्रेडेड डाकघर में कई आधुनिक सुविधाएँ जोड़ी गई हैं:
- मोबाइल चार्जिंग पोर्ट
- मुफ्त वाई-फाई
- मिनी लाइब्रेरी और पढ़ने का कोना
- बेहतर बैठने की व्यवस्था
- रंगीन दीवार कला और युवा-केंद्रित डिज़ाइन
- फिलैटली सेक्शन (माई स्टैंप, कॉर्पोरेट माई स्टैंप, पिक्चर पोस्टकार्ड आदि)
इन सुविधाओं का उद्देश्य युवाओं को डाकघर से जोड़ना, उन्हें डिजिटल सेवाओं से अवगत कराना और डाकघर को एक बहु-सेवा केंद्र के रूप में विकसित करना है।
स्पीड पोस्ट पर 10% छूट
विशेष रूप से छात्रों को ध्यान में रखते हुए, डाक विभाग ने स्पीड पोस्ट (दस्तावेज़) पर 10 प्रतिशत की छूट की घोषणा की है, यदि वे मान्यता प्राप्त संस्थानों या सरकारी भर्ती एजेंसियों को आवेदन भेजते हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “छात्रों को आवेदन और दस्तावेज़ भेजने की लगातार जरूरत रहती है। यह छूट उन्हें सुरक्षित और तेज़ सेवाओं के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करेगी।”
युवाओं के लिए विस्तृत सेवाएँ
जेन-ज़ेड डाकघर में पारंपरिक डाक सेवाओं के अलावा निम्न आधुनिक सेवाएँ भी उपलब्ध होंगी:
- आधार सेवाएँ
- इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक सुविधाएँ
- डाक और जीवन बीमा
- पार्सल पैकेजिंग सहायता
- अंतरराष्ट्रीय मेल सेवा
- स्थानीय युवाओं, ग्रामीणों और कॉलेज छात्रों को इन सेवाओं का सीधा लाभ मिलेगा।
हमारे संवाददाता बताते हैं कि यह मॉडल आगे भी लागू होगा। डाक विभाग का उद्देश्य है कि घुड़दौड़ी मॉडल सफल रहने पर इसे प्रदेश भर में और देश के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जाए।
एक अधिकारी ने कहा, “हम डाकघर को डिजिटल नागरिक सेवा केंद्र के रूप में विकसित कर रहे हैं; जहाँ भरोसा और तकनीक साथ आते हैं।”
छात्रों ने भी नए डाकघर की सराहना की। एक छात्र ने कहा, “यह अब पुराना डाकघर नहीं लगता, बल्कि एक आधुनिक स्टूडेंट स्पेस जैसा लगता है जहाँ पढ़ भी सकते हैं और जरूरी काम भी कर सकते हैं।”
डाक विभाग का आधुनिकीकरण और भविष्य दृष्टि
भारतीय डाक विभाग बीते वर्षों में बैंकिंग, डिजिटल ट्रैकिंग, आधार अपडेट, IPPB सेवाओं जैसे रूपांतरणों से डिजिटल युग के साथ तालमेल बैठा रहा है। जेन-ज़ेड डाकघर इसी यात्रा का अगला कदम है जहाँ सेवा, सुविधा और सौंदर्यशास्त्र; तीनों को मिलाया गया है।
अधिकारी ने जोड़ा, “हम आधुनिकीकरण कर रहे हैं लेकिन अपने मूल्यों को नहीं छोड़ रहे। भरोसा और सेवा—डाक विभाग की पहचान सदैव मजबूत रहेगी।”
डाक विभाग उम्मीद कर रहा है कि:
- युवाओं की डाकघर से भागीदारी बढ़ेगी
- IPPB और डिजिटल सेवाओं का उपयोग बढ़ेगा
- स्पीड पोस्ट की मांग बढ़ेगी
- फिलैटली में रुचि बढ़ेगी
- पर्वतीय जिलों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार मजबूत होगा
घुड़दौड़ी का यह नया जेन-ज़ेड डाकघर उत्तराखंड में डिजिटल बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






