देहरादून: प्रदेश सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान दूसरे दिन भी राज्य के कई जिलों में व्यापक स्तर पर जारी रहा। न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित बहु-विभागीय शिविरों के माध्यम से हजारों ग्रामीणों को विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला और जन-समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा शिविरों का आयोजन कर जनता को सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जन-समस्याओं के समाधान में सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि के मूल मंत्र का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविरों का आयोजन सुव्यवस्थित ढंग से किया जाए और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए, ताकि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक भी योजनाओं का लाभ पहुंचे। आवश्यकता पड़ने पर न्याय पंचायतों में पुनः शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रदेशभर में आयोजित शिविरों में २३ विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जिनके माध्यम से स्वास्थ्य, राजस्व, समाज कल्याण, रोजगार, कृषि, पशुपालन, महिला एवं बाल विकास सहित अनेक सेवाएं प्रदान की गईं।
पौड़ी गढ़वाल में जन-सेवा शिविर से ग्रामीणों को मिला लाभ
हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर ब्लॉक की न्याय पंचायत किमसार अंतर्गत गंगा भोगपुर में बहु-विभागीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ६८ जन-शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देशों के साथ भेजा गया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा १२६ ग्रामीणों की जांच कर दवाएं वितरित की गईं। समाज कल्याण विभाग द्वारा ०८ लाभार्थियों को पेंशन एवं अन्य योजनाओं का लाभ दिया गया। श्रम विभाग ने ०५ श्रमिकों का पंजीकरण किया, जबकि राजस्व विभाग द्वारा ७० ग्रामीणों को आय, जाति प्रमाण पत्र एवं भूमि अभिलेखों की प्रतियां उपलब्ध कराई गईं। इसके अतिरिक्त ९५ ग्रामीण अन्य योजनाओं से भी लाभान्वित हुए। बाल विकास विभाग द्वारा ०२ बच्चों का अन्नप्राशन तथा ०१ महिला का गोद भराई संस्कार भी संपन्न कराया गया। शिविर में क्षेत्रीय विधायक श्रीमती रेनू बिष्ट सहित अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
चमोली जिले में शिविरों के माध्यम से जन-समस्याओं का निस्तारण
चमोली जिले में नंदानगर ब्लॉक के मटई गांव और जोशीमठ तहसील के उर्गम क्षेत्र में शिविर आयोजित किए गए। हमारे संवाददाता के अनुसार, इन शिविरों में कुल ३६९ जन-समस्याओं का निस्तारण किया गया।
मटई गांव में अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश की अध्यक्षता में २१८ शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से १९८ का मौके पर समाधान किया गया। उर्गम में उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ की अध्यक्षता में २५६ शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से १७१ का तत्काल निस्तारण किया गया। स्वास्थ्य, राजस्व और अन्य विभागों द्वारा ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दिया गया। ब्लॉक प्रमुख हेमा नेगी सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
हरिद्वार में आयोजित शिविर में ग्रामीणों को मिली योजनाओं की सुविधा
हरिद्वार जिले के भगवानपुर ब्लॉक की न्याय पंचायत नौकराग्रांट के पंचायत भवन में शिविर आयोजित किया गया। हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, शिविर में ३५ शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से २० का तत्काल निस्तारण किया गया।
संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र की देखरेख में १६ लाभार्थियों को मनरेगा जॉब कार्ड जारी किए गए और १० श्रमिकों के श्रमिक कार्ड का पंजीकरण या नवीनीकरण किया गया। समाज कल्याण विभाग ने ०४ पेंशन मामलों का सत्यापन किया। १७ ग्रामीणों को उद्यान कार्ड, बीज और पौधे वितरित किए गए। १८ लोगों को आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र जारी किए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा २१ लोगों की जांच कर दवाएं वितरित की गईं और २९ अन्य ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया गया।
उत्तरकाशी की न्याय पंचायत शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे
उत्तरकाशी जिले के पुरोला ब्लॉक की न्याय पंचायत गुंदियाटगांव में आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। हमारे उत्तरकाशी संवाददाता के अनुसार, ५०० से अधिक लोगों ने विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाया।
१० ग्रामीणों को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जारी किए गए। ग्राम्य विकास योजनाओं के तहत रु. ५.५० लाख के चेक वितरित किए गए, जिससे १९७ लोग लाभान्वित हुए। कृषि विभाग द्वारा ३४ छोटे कृषि यंत्र वितरित किए गए, जबकि उद्यान विभाग द्वारा १८ उद्यान कार्ड जारी किए गए। ७७ लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई और ०६ युवाओं को कैरियर काउंसलिंग सेवा प्रदान की गई।
नैनीताल जिले में बहु-विभागीय शिविरों का आयोजन
नैनीताल जिले की न्याय पंचायत मालधनचौड़ और सिरमोली में शिविर आयोजित किए गए। मालधनचौड़ में ७९ शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से ७० का मौके पर समाधान किया गया। २११ लोगों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क दवाएं दी गईं। राजस्व विभाग द्वारा ९० प्रमाण पत्र जारी किए गए और ३५ लोगों को आधार सेवाओं का लाभ मिला। २० धात्री महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट वितरित की गई तथा १५ पेंशन आवेदन भरे गए। ६३ पशुपालकों को पशु दवाएं उपलब्ध कराई गईं। दुग्ध विभाग द्वारा १६ तथा सहकारिता विभाग द्वारा ११ लोगों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया।
सिरमोली में आयोजित शिविर में २३ शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से अधिकांश का तत्काल निस्तारण किया गया। स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग द्वारा १०९ लोगों की जांच कर दवाएं वितरित की गईं। १७ किसानों को कृषि यंत्र और जैविक खाद तथा २१ पशुपालकों को निःशुल्क दवाएं प्रदान की गईं।
बागेश्वर में शिविरों से एक हजार से अधिक ग्रामीण लाभान्वित
हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, बागेश्वर जिले की न्याय पंचायत सैंज और उत्तरौड़ा में आयोजित शिविरों से १००० से अधिक ग्रामीण लाभान्वित हुए। स्वास्थ्य जांच, दवा वितरण के साथ सहकारिता, शिक्षा, राजस्व, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास, कृषि, पशुपालन, विद्युत, सेवायोजन, बाल विकास और जल संस्थान सहित विभिन्न विभागों द्वारा सेवाएं प्रदान की गईं।
ऊधमसिंह नगर में ग्रामीणों तक पहुंची सरकारी योजनाएं
ऊधमसिंह नगर जिले की न्याय पंचायत बिगराबाग में आयोजित शिविर में ०६ शिकायतों का निस्तारण किया गया और २१० लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला। दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए गए, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट वितरित की गईं और महिला स्वयं सहायता समूहों को चेक प्रदान किए गए।
अधिकारियों के अनुसार यह अभियान जन-केंद्रित शासन की दिशा में एक प्रभावी पहल है, जिससे प्रशासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत हो रहा है।






