मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर राज्य में किए गए कार्यों और उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार ने इस अवधि में सामाजिक न्याय, पारदर्शी भर्ती, भूमि सुधार और सुशासन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में लागू की गई प्रमुख उपलब्धियों में सामान्य नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) का क्रियान्वयन और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जिसने इस तरह की ऐतिहासिक पहल को लागू किया।
धामी ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार ने लगभग 26,500 युवाओं को सरकारी नौकरियाँ प्रदान की हैं, जो पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना में दोगुनी से अधिक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण समुदायों को विकास के केंद्र में लाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में भूमि कानूनों, भर्ती प्रक्रियाओं, भ्रष्टाचार निरोधक उपायों और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में निर्णायक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की नीति “जन अपेक्षाओं के अनुरूप जवाबदेह शासन” पर आधारित है और शासन को लोगों के लिए अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया गया है।
धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार ने “हिल्स टू हाई-टेक” की दिशा में कार्य करते हुए पहाड़ी राज्य को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में राज्य का विकास डिजिटल परिवर्तन, उद्यमिता, जलवायु प्रबंधन और स्वावलंबन पर केंद्रित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने चार वर्षों में केवल संख्या नहीं बढ़ाई है, बल्कि सिस्टम में बदलाव लाने की दिशा में कार्य किया है। भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाया गया है, कानूनों को सरल किया गया है और विकास योजनाओं को लोगों तक पहुँचाया गया है। भविष्य में विकास की गति और तेज़ होगी।”
उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता राज्य की सामाजिक संरचना, सांस्कृतिक पहचान और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित विकास करना है। धामी ने कहा कि आने वाले वर्षों में राज्य को आत्मनिर्भर, समृद्ध और समावेशी बनाने की दिशा में कार्य जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री ने निरीक्षण, समीक्षा और सुधार के तंत्र को सुदृढ़ करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि शासन अब परिणाम आधारित प्रदर्शन मूल्यांकन प्रणाली पर कार्य करेगा, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुँच सके। उन्होंने बताया कि सरकार जलवायु प्रबंधन, डिजिटल बुनियादी ढांचा और रोजगार सृजन के क्षेत्र में नई नीतियाँ ला रही है।
सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि चार वर्षों के इस कार्यकाल में धामी सरकार ने पारदर्शी प्रशासन, भ्रष्टाचार पर नकेल, और रोजगार के अवसर सृजन को अपनी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता के विश्वास को मज़बूती से कायम रखा है और यह उत्तराखण्ड के विकास के नए युग की शुरुआत है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने पिछले चार वर्षों में नीति निर्माण, प्रशासनिक सुधार और सुशासन के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाई है। राज्य में निवेश बढ़ाने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और युवाओं के लिए अवसर पैदा करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आने वाले वर्षों में “जनता के साथ विकास की साझेदारी” को और मज़बूत करेगी और उत्तराखण्ड को नए भारत के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का प्रयास करेगी।






