उत्तराखण्ड के देवभूमि रजत उत्सव के अवसर पर हरिद्वार में आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान एक विशेष डिजिटल प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों की झलक प्रदर्शित की गई। प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण सामान्य नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) पर आधारित अनुभाग रहा, जिसे इस वर्ष राज्य में लागू किया गया था।
हमारे संवाददाता के अनुसार, प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और डिजिटल माध्यमों के जरिये शासन की योजनाओं, प्रशासनिक सुधारों तथा सामाजिक पहलुओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसमें राज्य सरकार के चार वर्षों के कार्यकाल में हुए विकास को डिजिटल स्क्रीन, ऑडियो-वीडियो प्रस्तुति और इंटरएक्टिव डिस्प्ले के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनी का उद्देश्य नागरिकों को UCC के उद्देश्यों, प्रावधानों और इसके सामाजिक प्रभावों से अवगत कराना था। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य की समानता, पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक कदम है।
‘उत्तराखण्ड के चार वर्ष – जनसेवा से सुशासन तक’ शीर्षक के तहत प्रदर्शनी में ई-गवर्नेंस, डिजिटल इंडिया मिशन, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया।
हमारे संवाददाता जोड़ते हैं कि इस प्रदर्शनी में सूचना विभाग, महिला सशक्तिकरण विभाग, पर्यटन विभाग और सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (ITDA) की सक्रिय भागीदारी रही। सभी विभागों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए कार्यों को डिजिटल माध्यम से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि देवभूमि रजत उत्सव केवल राज्य के गठन का उत्सव नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक, सामाजिक और प्रशासनिक प्रगति का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियाँ जनता और शासन के बीच विश्वास और संवाद की नई कड़ी स्थापित करती हैं।
अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में ऐसी डिजिटल प्रदर्शनियाँ राज्य के अन्य जिलों में भी आयोजित की जाएंगी, ताकि नागरिकों को सरकार की योजनाओं और नीतियों की जानकारी सरल रूप में मिल सके। उन्होंने कहा कि यह पहल जनसंपर्क और सुशासन के बीच सेतु का कार्य करेगी।
यह प्रदर्शनी उत्तराखण्ड के परंपरा और तकनीक के संगम का प्रतीक बनी, जिसने राज्य की आधुनिक, पारदर्शी और आत्मनिर्भर पहचान को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।






