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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज से तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर

उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती समारोह के अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज तीन दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचेंगी। उनका यह दौरा राज्य की उपलब्धियों, विकास यात्रा और सांस्कृतिक धरोहर के उत्सव के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रपति का यह कार्यक्रम देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल जिलों में आयोजित होगा।

हमारे संवाददाता बताते हैं कि राष्ट्रपति मुर्मु का विशेष विमान आज पूर्वाह्न जॉलीग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून पर पहुंचेगा। एयरपोर्ट पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उनकी अगवानी करेंगे। इसके बाद राष्ट्रपति हेलीकॉप्टर द्वारा हरिद्वार रवाना होंगी, जहाँ वह पतंजलि विश्वविद्यालय, बहादराबाद के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इस अवसर पर वह छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करेंगी और शिक्षा में नवाचार व सेवा भावना पर बल देंगी।

राज्य सरकार के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति का यह दौरा विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह राज्य स्थापना के 25वें वर्ष के अवसर पर हो रहा है। राष्ट्रपति की उपस्थिति को उत्तराखंड की दो दशक लंबी विकास यात्रा और सामाजिक प्रगति के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

हमारे संवाददाता जोड़ते हैं कि दौरे के दूसरे दिन, 3 नवंबर (सोमवार) को राष्ट्रपति मुर्मु उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करेंगी। अपने संबोधन में वह राज्य के गठन से लेकर अब तक हुई प्रगति, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर विचार रखेंगी। इसके बाद शाम को वह नैनीताल राजभवन की 125वीं वर्षगांठ समारोह में भाग लेंगी।

दौरे के तीसरे और अंतिम दिन 4 नवंबर (मंगलवार) को राष्ट्रपति मुर्मु कैंचीधाम स्थित प्रसिद्ध नीम करौरी बाबा आश्रम में दर्शन करेंगी। इसके बाद वह कुमाऊं विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान करेंगी।

राज्य सरकार ने राष्ट्रपति के तीन दिवसीय प्रवास के लिए सुरक्षा और प्रोटोकॉल की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल में दो हजार से अधिक पुलिसकर्मी और सुरक्षा अधिकारी तैनात किए गए हैं। वीआईपी रूट्स पर निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे और विशेष नियंत्रण वाहन लगाए गए हैं। देहरादून एयरपोर्ट से हरिद्वार और नैनीताल के बीच यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया गया है ताकि यात्रा सुगम और सुरक्षित रहे।

हरिद्वार, देहरादून और नैनीताल के प्रमुख स्थलों को फूलों, तिरंगे झंडों और रोशनी से सजाया गया है। स्थानीय कलाकारों द्वारा गढ़वाल और कुमाऊं की लोकसंस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी राष्ट्रपति के कार्यक्रमों के दौरान दी जाएंगी।

सूचना विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति की यह यात्रा न केवल उत्तराखंड की उपलब्धियों का उत्सव है बल्कि राज्य के युवाओं और आम नागरिकों के लिए प्रेरणा का माध्यम भी बनेगी। वह छात्रों, सामाजिक संगठनों और महिला समूहों से संवाद करेंगी।

अधिकारियों का कहना है कि यह यात्रा केंद्र और राज्य सरकार के बीच सहयोग और समन्वय का प्रतीक है। राष्ट्रपति की उपस्थिति से यह संदेश जाएगा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड को शिक्षा, पर्यटन, बुनियादी ढांचे और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्रों में निरंतर समर्थन दे रही है।

स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा एजेंसियों के दिशा-निर्देशों का पालन करें और वीआईपी मूवमेंट के समय यातायात नियमों का ध्यान रखें। विभिन्न शहरों में स्वागत द्वार, पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं।

हमारे संवाददाता बताते हैं कि राष्ट्रपति का यह तीन दिवसीय प्रवास उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और प्रशासनिक प्रगति का संतुलित चित्र प्रस्तुत करेगा। राज्य स्थापना के 25 वर्षों की उपलब्धियों को नई ऊर्जा और दिशा देने का यह अवसर होगा।

राष्ट्रपति मुर्मु 4 नवंबर की शाम सभी कार्यक्रमों के पश्चात नई दिल्ली के लिए रवाना होंगी।

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