मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान कहा कि प्रदेश की सवा करोड़ जनता के सहयोग से उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाया जाएगा। यह सत्र राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित किया गया।
हमारे संवाददाता बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य गठन से लेकर अब तक के विकास की विस्तृत समीक्षा की और आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को आदर्श राज्य के रूप में विकसित करने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री ने सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों – नित्यानंद स्वामी, भगत सिंह कोश्यारी, नारायण दत्त तिवारी, भुवन चंद्र खंडूड़ी, रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, त्रिवेंद्र सिंह रावत और तीरथ सिंह रावत – के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी ने अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार राज्य के विकास की मजबूत नींव रखी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जुलाई 2022 में उन्होंने मुख्य सेवक का दायित्व उस समय संभाला जब कोरोना महामारी और चुनाव दोनों की चुनौती सामने थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उन्होंने प्रशासन को स्थिरता दी और विकास की दिशा को गति प्रदान की। उन्होंने कहा, “उत्तराखंड की जनता ने इतिहास रचते हुए एक ही दल को लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत से चुनकर स्थिरता और विश्वास का संदेश दिया।”
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 30 से अधिक नई नीतियां बनाकर रोजगार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा दिया है। इन प्रयासों के चलते नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स 2023–24 में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
हमारे संवाददाता जोड़ते हैं कि मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था वर्ष 2000 में 14,501 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 3.78 लाख करोड़ रुपये हो गई है। इसी प्रकार प्रति व्यक्ति आय 15 हजार रुपये से बढ़कर लगभग 2.74 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया और ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट 2023 के माध्यम से 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते किए।
उन्होंने कहा कि किसानों के उत्थान के लिए राज्य में तीन लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण दिया जा रहा है तथा फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।
पर्यटन को लेकर उन्होंने कहा कि राज्य में धार्मिक, साहसिक, ईको, वेलनेस, एग्रो और फिल्म पर्यटन के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केदारखंड और मानसखंड सर्किट के मंदिरों के सौंदर्यीकरण और ऋषिकेश–हरिद्वार कॉरिडोर को योग एवं अध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि को खेलभूमि बनाने के प्रयासों से इस वर्ष उत्तराखंड ने राष्ट्रीय खेलों में 103 पदक जीतकर सातवां स्थान प्राप्त किया।
उन्होंने बताया कि ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना शीघ्र पूरी होने जा रही है। इसके अलावा केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे निर्माण और उड़ान योजना के अंतर्गत 18 हेलीपोर्ट्स विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 पर सेवाएं शुरू हो चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में कार्य चल रहा है। हल्द्वानी में आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण भी जारी है।
उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रही है। अब तक 200 से अधिक अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू कर समान अधिकार सुनिश्चित किए हैं। साथ ही धर्मांतरण विरोधी, दंगा नियंत्रण और सख्त भू-कानून जैसे निर्णय लिए गए हैं। मदरसा बोर्ड समाप्त करने का निर्णय भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “प्रदेश की सवा करोड़ जनता के सहयोग से हम उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने विकल्प रहित संकल्प को पूर्ण करेंगे।” उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का आभार व्यक्त किया और अटल बिहारी वाजपेयी, राज्य आंदोलनकारियों तथा शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।






