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विकसित भारत के निर्माण में किसानों की आत्मनिर्भरता आवश्यक: मुख्यमंत्री धामी

किसानों की आत्मनिर्भरता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के संकल्प को तभी साकार किया जा सकता है जब देश के किसान हर दृष्टि से आत्मनिर्भर बनें।

पंतनगर में उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि ही भारत की मजबूती की नींव है। उन्होंने कहा कि “किसानों के परिश्रम से ही देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और अन्नदाता की प्रगति ही वास्तविक विकास का प्रतीक है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार हुए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देशभर में 11 करोड़ से अधिक किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। साथ ही, सभी प्रमुख फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में ऐतिहासिक वृद्धि की गई है।

उन्होंने कहा कि किसानों को फसल बीमा योजना के माध्यम से सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है ताकि मौसम या बाजार में उतार-चढ़ाव से होने वाले नुकसान की भरपाई हो सके। साथ ही, मिट्टी की वैज्ञानिक जांच के लिए सॉइल हेल्थ कार्ड योजना ने खेती को आधुनिक और वैज्ञानिक स्वरूप दिया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। राज्य में 200 करोड़ रुपये की लागत से पॉली हाउस निर्माण योजना चलाई जा रही है। अब तक 350 पॉली हाउस बनाए जा चुके हैं जिन पर ₹115 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है।

उन्होंने बताया कि राज्य में गन्ने का समर्थन मूल्य 20 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है, जिससे हजारों किसानों को सीधा लाभ मिला है। राज्य सरकार ने सेब और कीवी विकास नीति के साथ राज्य मिलेट मिशन भी शुरू किया है ताकि पहाड़ी जिलों में फसल विविधीकरण और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाय पर्यटन को बढ़ावा देकर कृषि और पर्यटन के समन्वय की दिशा में कार्य कर रही है। इससे युवाओं और महिलाओं के लिए नए रोजगार अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि “चाय बागान केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य का प्रतीक हैं।”

उन्होंने कहा कि सरकार कृषि में तकनीकी नवाचार, सिंचाई और प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार कर रही है ताकि किसान आधुनिक पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन और आय दोनों बढ़ा सकें।

मुख्यमंत्री ने अंत में राज्य निर्माण आंदोलन में किसानों की भूमिका को नमन करते हुए कहा कि “उत्तराखंड की पहचान हमारे किसानों के त्याग और परिश्रम से बनी है। उनकी समृद्धि ही हमारे राज्य के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है।”

धामी ने कहा कि राज्य की सवा करोड़ जनता के सहयोग से उत्तराखंड विकसित भारत की दिशा में एक अग्रणी राज्य बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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