आधुनिक विश्व में भारतीय संस्कृति के महत्व पर बोलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “भारतीय संस्कृति सभी संस्कृतियों की जननी है और यह ज्ञान, मूल्यों तथा आध्यात्मिक गहराई की विशाल विरासत को समेटे हुए है।” वे ढालवाला स्थित ऋषिकेश इंटरनेशनल स्कूल के 12वें वार्षिकोत्सव में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी गौरवशाली परंपराओं के साथ गर्व के साथ आगे बढ़ रहा है।”
उन्होंने कहा, “बच्चे राष्ट्र की असली नींव हैं। विद्यार्थी भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में जाकर राज्य और देश का गौरव बढ़ाएंगे। शिक्षा में अनुशासन, संस्कार और सेवा भावना का समावेश होना आवश्यक है।”
हमारे संवाददाता बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर 12वें वार्षिकोत्सव का उद्घाटन किया। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को बधाई देते हुए कहा कि “आज के बच्चे कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ साथ योग, संस्कार और सादगी के महत्व को भी समझते हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “शिक्षा केवल रोजगार तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इसका उद्देश्य राष्ट्र निर्माण, नैतिक विकास और मानव कल्याण होना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है। यह नीति विद्यार्थियों में बेहतर शैक्षिक क्षमता और संतुलित विकास को मजबूत करेगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार ने कई औद्योगिक संस्थानों के साथ समझौते किए हैं। इन समझौतों से युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर तैयार होंगे। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं। सरकार हर क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित कर रही है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “महिला स्वयं सहायता समूह राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। हाउस ऑफ हिमालयाज पहल छोटे समूहों को बाज़ार उपलब्ध करा रही है। इन प्रयासों से परिवारों की आय और जीवन स्तर में सुधार हो रहा है।”
हमारे संवाददाता जोड़ते हैं कि मुख्यमंत्री ने राज्य में लागू की गई कड़ी नकल विरोधी कानून का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “इस कानून के लागू होने के बाद 26,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध है और आगे भी निष्पक्ष प्रणाली को मजबूत करेगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हैं और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं। सरकार स्कूलों को मजबूत करने और मूल्य आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों का समर्थन करेगी।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भारतीय परंपराओं पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। स्कूल प्रबंधन ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और सांस्कृतिक समझ विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल सभी बच्चों के लिए शैक्षिक उत्कृष्टता और समग्र विकास के लिए कार्य कर रहा है।
समारोह में कई गणमान्य उपस्थित रहे। इनमें कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय सिंह रावत, स्कूल के चेयरमैन मोहन डंग, टिहरी की जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल और अन्य अतिथि शामिल थे।






