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पूर्व भाजपा विधायक के पुत्र का पिस्टल लेकर मारपीट करता वीडियो वायरल

राजपुर रोड स्थित मसूरी डाइवर्जन के पास पूर्व भाजपा विधायक कुंवर प्रणव ‘चैंपियन’ सिंह के पुत्र द्वारा पिस्तौल हाथ में लेकर एक युवक की पिटाई करने का वीडियो वायरल होने के बाद देहरादून पुलिस ने तेज कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना 14 नवम्बर की रात की बताई जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद आरोपी को तीन दिनों के भीतर जांच में शामिल होने का नोटिस जारी किया गया है।

हमारे संवाददाता बताते हैं कि पीड़ित की पहचान पूर्व मुख्य सचिव एस. रामास्वामी के पुत्र आर. यशोवर्धन के रूप में हुई है। आरोपियों में पूर्व भाजपा विधायक चैंपियन के पुत्र दिव्य प्रताप सिंह और एक सरकारी गनर शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में अवैध रूप से हथियार प्रदर्शित करने, मारपीट, धमकी और रास्ता रोकने सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

बताया गया कि यशोवर्धन अपनी कार से दरिया बिल की ओर से आ रहे थे, तभी एक लैंड क्रूजर और बोलेरो ने मसूरी डाइवर्जन के पास उन्हें ओवरटेक किया। सड़क संकरी होने के कारण रास्ता न देने पर आरोपियों ने उनकी गाड़ी को रोका और उन्हें बाहर खींचकर मारपीट की। वायरल वीडियो में आरोपी को पिस्तौल लहराते और पीड़ित को मारते हुए देखा जा सकता है, जबकि आसपास लोगों की भीड़ मौजूद थी।

देहरादून पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “आरोपियों को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया गया है। सरकारी गनर को निलंबित किया जा चुका है। हथियारों के लाइसेंस और सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है।”
एक अन्य अधिकारी ने बताया, “लैंड क्रूजर वाहन का नंबर ट्रेस कर लिया गया है। वाहन को जब्त कर लिया गया है और तकनीकी जांच जारी है।”

घटना के बाद स्थानीय लोगों में रोष है। एक निवासी ने कहा, “शहर के बीचोंबीच इस तरह हथियार लेकर मारपीट होना बेहद चिंताजनक है। इससे सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठते हैं।”
एक सामाजिक कार्यकर्ता ने टिप्पणी की, “यह सिर्फ रोड रेज नहीं, बल्कि दबंगई का प्रदर्शन है। पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कानून सबके लिए बराबर है।”

राजनीतिक स्तर पर भी मामले ने तूल पकड़ लिया है। विपक्ष ने इसे सत्ता से जुड़े लोगों के “अहंकार” का मामला बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
वहीं भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “पुलिस जांच कर रही है। कानून अपना काम करेगा और किसी को राजनीतिक संरक्षण नहीं दिया जाएगा।”

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोपी नोटिस के अनुसार जांच में पेश नहीं होते, तो उनकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया जाएगा। जांच में सीसीटीवी फुटेज, वाहन की मूवमेंट, हथियार लाइसेंस और सुरक्षा कर्मियों की भूमिका की गहन समीक्षा शामिल होगी।

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