होमचमोलीचमोली सड़क दुर्घटना: हेलंग-उर्गम सड़क हादसे में दो की मौत

चमोली सड़क दुर्घटना: हेलंग-उर्गम सड़क हादसे में दो की मौत

चमोली सड़क दुर्घटना 

चमोली जिले में बुधवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा हेलंग-उर्गम मोटर मार्ग पर पावर हाउस के निकट उस समय हुआ जब एक कार नियंत्रण खोकर गहरी खाई में गिर गई। सभी लोग सलूड गांव से बारात से लौट रहे थे। स्थानीय लोगों और प्रशासनिक टीमों की तत्परता से राहत-बचाव कार्य देर शाम तक जारी रहा।

हमारे संवाददाता बताते हैं कि हादसा लगभग साढ़े पाँच बजे हुआ, जब वाहन उर्गम की ओर से सलूड की ओर लौट रहा था। वाहन में पाँच लोग सवार थे। मोड़ पर पहुंचते ही वाहन अनियंत्रित होकर तेज रफ्तार में खाई की ओर लुढ़क गया। दो युवकों—ध्रुव (१९) और कनहैया (१९)—की मौके पर ही मौत हो गई। तीन अन्य—पूरन सिंह (५५), कमलेश (२५) और मिलन (२८)—गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, वनकर्मियों और स्थानीय युवाओं की टीम मौके पर पहुंची। अंधेरा बढ़ने और ढलानदार भूभाग के कारण राहत कार्य चुनौतीपूर्ण था। एसडीएम जोशीमठ चंद्र शेखर वशिष्ठ ने कहा, “टीमें मौके पर तुरंत पहुंचीं। गहरी खाई और अंधेरा होने के बावजूद सभी ने मिलकर घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। यह बेहद संवेदनशील स्थान है। प्राथमिक जांच में वाहन के नियंत्रण खोने की बात सामने आई है।”

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि जिस मोड़ पर हादसा हुआ, वह लंबे समय से खतरनाक माना जाता है। वहां न तो पर्याप्त सुरक्षा रेलिंग है और न ही चेतावनी संकेत। एक ग्रामीण ने कहा, “वाहन मोड़ पर आते ही सीधे नीचे चला गया। अगर बैरियर होता तो शायद हादसा इतना गंभीर नहीं होता।”

घायलों को तुरंत जोशीमठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने पूरन सिंह को हालत नाज़ुक होने पर गोपेश्वर रेफर कर दिया। अन्य दो घायल भी गंभीर चोटों से जूझ रहे हैं। जिला अस्पताल के एक चिकित्सक ने बताया, “घायलों को सिर और रीढ़ में गंभीर चोटें हैं। उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।”

वाहन हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने वाहन के अवशेषों की तकनीकी जांच, सड़क की स्थिति और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए हैं। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “हमें प्रारंभिक स्तर पर वाहन के ब्रेक फेल होने या तेज रफ्तार की संभावना लग रही है। सटीक कारण फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।”

समुदाय में घटना को लेकर शोक और आक्रोश दोनों दिखा। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता अनिल नेगी ने कहा, “यह मार्ग कई महीनों से खराब हालत में है। जिम्मेदार विभाग को पहले ही मरम्मत करनी चाहिए थी। यह हादसा बताता है कि पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा ढांचा कितना कमजोर है।” उन्होंने मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा और घायलों को त्वरित सहायता की मांग की।

प्रशासन ने सड़क की तुरंत सुरक्षा ऑडिट कराने का आश्वासन दिया है। एसडीएम वशिष्ठ ने कहा, “हमने हेलंग-उर्गम मार्ग के सभी संकरे मोड़ों और खतरनाक ढलानों की समीक्षा के आदेश दिए हैं। सुरक्षा रेलिंग, संकेत बोर्ड और नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि त्योहारों और विवाह-समारोहों के दौरान रात में वाहनों की आवाजाही पर विशेष सतर्कता की जरूरत है।

घटना के बाद गांवों में शोक का माहौल है। दोनों मृतक युवा अपने परिवार के इकलौते सहारे थे। एक रिश्तेदार ने बिलखते हुए कहा, “हमने दो फूल एक ही पल में खो दिए। यह हादसा पूरे गांव के लिए सदमे जैसा है।”

विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते यातायात और मौसमीय खतरे ऐसे हादसों को और गंभीर बना रहे हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ राकेश गैरा ने कहा, “पहाड़ी सड़कों पर हर मोड़ पर सड़कों की गुणवत्ता, संकेतों और ड्राइवरों की सावधानी अत्यंत जरूरी है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने होंगे।”

जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि वे मृतकों के परिजनों को राहत सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर चुके हैं। साथ ही घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होगी।

यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षित सड़क परिवहन की चुनौतियों को उजागर करता है और अधिकारियों को अविलंब कदम उठाने की याद दिलाता है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Uttarakhand Government

Most Popular

Recent Comments