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मुख्यमंत्री धामी ने गन्ना किसानों की समस्याएं सुनी

देहरादून: मुख्यमंत्री आवास देहरादून में मंगलवार को हरिद्वार जनपद के गन्ना किसानों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिला। किसानों ने पेराई सत्र २०२५–२६ के लिए राज्य परामर्शित मूल्य घोषित करने सहित क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। मुख्यमंत्री ने सभी मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए सकारात्मक निर्णय का आश्वासन दिया।

हमारे संवाददाता बताते हैं कि किसान प्रतिनिधिमंडल विधायक आदेश चौहान और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद के नेतृत्व में पहुंचा। किसानों ने कहा कि गन्ना मूल्य समय से घोषित होने से खेती, मजदूरी और परिवहन संबंधी योजनाएं समय पर बन पाती हैं। उन्होंने इनपुट लागत बढ़ने की जानकारी देते हुए उचित मूल्य निर्धारण की मांग रखी।

किसानों ने रायसी से बालावाली पुल तक तटबंध निर्माण कराने की मांग उठाई। उनका कहना था कि तटबंध बनने से खेतों को बरसाती पानी से होने वाली क्षति से बचाया जा सकेगा। इसके साथ ही उन्होंने इकबालपुर, झबरेड़ा और भगवानपुर क्षेत्र में शुगर मिल स्थापित करने का अनुरोध किया। किसानों ने कहा कि इस क्षेत्र में गन्ना उत्पादन अधिक है और मिल बनने से परिवहन दूरी कम होगी तथा भुगतान समय से मिलेगा।

प्रतिनिधिमंडल ने इकबालपुर और झबरेड़ा क्षेत्र में सिंचाई नहर निर्माण की भी मांग की। किसानों ने कहा कि सिंचाई सुविधाएं बढ़ने से उपज में सुधार होगा और बार–बार आने वाली सूखे की स्थिति से राहत मिलेगी। उन्होंने डोईवाला शुगर मिल में किसानों की बकाया राशि के भुगतान का मुद्दा भी उठाया। किसानों ने कहा कि भुगतान मिलने से वे अगली फसल की तैयारी कर पाएंगे और घरेलू आवश्यकताओं को पूरा कर सकेंगे।

बैठक के दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री को ताजे गन्ने भेंट किए। मुख्यमंत्री ने किसानों के साथ ही लॉन में बैठकर गन्ने का स्वाद लिया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि किसान राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

हमारे संवाददाता जोड़ते हैं कि मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मांग पर विभागीय स्तर पर विस्तृत अध्ययन कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि गन्ना मूल्य निर्धारण पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई, सड़क, तटबंध और बाजार सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार क्षेत्र में गन्ना उत्पादन बड़ी संख्या में किसानों की जीविका का आधार है। उन्होंने कहा कि सरकार सिंचाई नेटवर्क को बेहतर करने, समय पर बिजली उपलब्ध कराने और बाजारों तक सुगम पहुंच बनाने पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मिलों के साथ समन्वय कर बकाया भुगतान की समस्या को दूर किया जा रहा है, ताकि किसानों को समय पर भुगतान मिल सके।

बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि संबंधित विभाग प्रत्येक मांग का तकनीकी मूल्यांकन करेंगे। रायसी–बालावाली तटबंध निर्माण पर विभाग विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा। वहीं नई शुगर मिल की मांग पर क्षेत्रीय उत्पादन, भूमि उपलब्धता और व्यवहार्यता का अध्ययन किया जाएगा। सिंचाई परियोजनाओं को भी प्रस्तावित योजनाओं में शामिल करने की बात कही गई।

बैठक में विधायक प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी और पूर्व विधायक संजय गुप्ता भी उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि किसानों की समस्याएं प्राथमिकता के आधार पर हल की जानी चाहिए और विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में योजनाओं, बुनियादी ढांचे और वित्तीय सहायता में सुधार लाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों से सीधा संवाद समस्याओं को बेहतर तरीके से समझने और समाधान खोजने में सहायक होता है। मुख्यमंत्री ने किसानों को धन्यवाद दिया और कहा कि सरकार आगे भी नियमित संवाद बनाए रखेगी।

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