देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रतिभाग किया। हमारे संवाददाता के अनुसार, इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रो. यशवंत राव केलकर युवा पुरस्कार से गोरखपुर के श्रीकृष्ण पांडेय को सम्मानित किया। श्री पांडेय को यह सम्मान बाल भिक्षावृत्ति निर्मूलन, निस्सहाय मनोरोगियों की सेवा, और कारागार बंदियों के पुनर्वास जैसे उल्लेखनीय सामाजिक कार्यों के लिए दिया गया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्री पांडेय “समाज के प्रति उत्तरदायित्व और संवेदनशीलता की एक प्रेरक मिसाल” हैं। उन्होंने कहा, “श्रीकृष्ण पांडेय का कार्य केवल सेवा नहीं, बल्कि समाज को बदलने का एक सशक्त संकल्प है।”
“विद्यार्थी परिषद से मिली नेतृत्व की सीख”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विद्यार्थी परिषद से अपने जुड़ाव की यादें भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि एबीवीपी के कार्यकर्ता के रूप में बिताए उनके प्रारंभिक वर्षों ने उन्हें नेतृत्व, अनुशासन और संगठन की गहरी समझ दी।
उन्होंने कहा, “मैं भी विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता के रूप में विद्यार्थियों के बीच काम करता था। वही अनुभव आज भी समाज सेवा के प्रति मेरी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हैं।”
“एबीवीपी केवल संगठन नहीं, राष्ट्र निर्माण की ऊर्जा”
मुख्यमंत्री ने एबीवीपी के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन को “राष्ट्र निर्माण के पवित्र यज्ञ में संकल्पित युवाओं का महासंगम” बताया। उन्होंने कहा कि यहाँ से निकलने वाले विचार आने वाले वर्षों में देश की दिशा तय करेंगे।
उन्होंने कहा, “यह अधिवेशन केवल औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि राष्ट्र को नई दिशा देने वाली युवा शक्ति का मंच है।”
उन्होंने याद दिलाया कि एबीवीपी की स्थापना 1949 में हुई थी, जब देश स्वतंत्रता के बाद एक नए युग की ओर बढ़ रहा था। उस दौर में संगठित, संस्कारित और राष्ट्रवादी छात्रशक्ति की आवश्यकता थी, जिसे विद्यार्थी परिषद ने पूरा किया।
“77 वर्षों से व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण”
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 77 वर्षों में एबीवीपी ने शिक्षा, समाज, संस्कृति और वैचारिक क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा, “एबीवीपी ने व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण का जो कार्य किया है, वह आज भारतीय समाज की शक्ति और ऊर्जा का आधार है।”
“युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी पूंजी”
मुख्यमंत्री धामी ने भारत की युवा शक्ति को राष्ट्र की सबसे बड़ी संपत्ति बताते हुए कहा कि उनके परिश्रम और प्रतिभा में एक आत्मनिर्भर और सशक्त भारत का भविष्य निहित है।
उन्होंने कहा, “युवा भारत की ऊर्जा को सही दिशा और मार्गदर्शन मिले तो हमारा देश पुनः विश्व गुरु की भूमिका निभा सकता है।”
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवा-केंद्रित योजनाओं, स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और नई शिक्षा नीति, का उल्लेख किया और कहा कि ये योजनाएँ युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप अवसर देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
“देश का भविष्य युवा सोच और संकल्प पर निर्भर”
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, एबीवीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी, महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।
अधिवेशन के समापन पर मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझे विश्वास है कि यहां से उठने वाले संकल्प देश के सामाजिक और वैचारिक विकास को नई दिशा देंगे।”






