अल्मोड़ा: चौखुटिया में उपजिला चिकित्सालय (चौखुटिया अस्पताल) की स्थापना की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन रविवार को उस समय 20 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आंदोलनकारियों से वीडियो कॉल के माध्यम से विस्तृत वार्ता कर सभी मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाया और त्वरित कार्यवाही का भरोसा दिया। हमारे संवाददाता बताते हैं कि इस वार्ता में मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का स्पष्ट आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलनकारियों ने आंदोलन को अस्थायी रूप से विराम देने का निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री ने वार्ता की शुरुआत में आंदोलनकारियों के धैर्य और अनुशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनभावनाओं के अनुरूप चौखुटिया क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “उपजिला अस्पताल के लिए आवश्यक टोकन मनी शीघ्र जारी की जाएगी। इससे निर्माण और संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाएँ तेज़ी से आगे बढ़ सकेंगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, उपकरणों की उपलब्धता और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं।
सीएम धामी ने आश्वस्त किया, “चौखुटिया क्षेत्र की जायज़ मांगों पर सरकार संवेदनशील है। सभी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा ताकि क्षेत्र की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।”
हमारे संवाददाता जोड़ते हैं कि आंदोलनकारी लंबे समय से चौखुटिया के उपजिला अस्पताल को जल्द operational करने, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति, रेफरल को कम करने और बेहतर चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया था, जिसके चलते आंदोलन जिले में एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले चुका था।
मुख्यमंत्री का आश्वासन और प्रशासनिक तैयारी
वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
- टोकन मनी की फाइल को तत्काल प्राथमिकता से निपटाया जाए।
- विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए विशेष कैंप आयोजित किए जाएँ।
- अस्पताल से संबंधित DPR, तकनीकी स्वीकृतियों और निर्माण कार्यों की समयसीमा तय कर उसका कड़ाई से पालन कराया जाए।
- आपातकालीन सेवाओं को तुरंत प्रभाव से मजबूत किया जाए ताकि मरीजों को अन्य शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।
सीएम धामी ने कहा, “चौखुटिया क्षेत्र का सर्वांगीण विकास मेरी प्राथमिकता है। स्वास्थ्य सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।”
आंदोलनकारियों ने जताया आभार
वीडियो वार्ता में आंदोलनकारियों के प्रतिनिधि भुवन कठायत, अशोक कुमार, तथा उप जिलाधिकारी सुनील कुमार राज मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने 20 दिनों का समय देने और आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की।
श्री भुवन कठायत ने कहा, “मुख्यमंत्री जी ने जिस सकारात्मकता और तत्परता से हमारी बात सुनी है, उससे उम्मीद बढ़ी है। हम चाहते हैं कि अस्पताल का कार्य जल्द धरातल पर उतरे।”
सामाजिक कार्यकर्ता अशोक कुमार ने कहा, “स्थानीय जनता वर्षों से अच्छे अस्पताल की मांग कर रही है। हमें आशा है कि इस बार मुख्यमंत्री का आश्वासन वास्तविक प्रगति में दिखाई देगा।”
स्थानीय लोगों की अपेक्षाएँ
हमारे संवाददाता बताते हैं कि लोग वर्षों से चौखुटिया में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मांग कर रहे हैं। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और आपातकालीन मरीजों को अक्सर रानीखेत, अल्मोड़ा या हल्द्वानी रेफर किया जाता है, जिससे कई बार गंभीर मामले रास्ते में ही बिगड़ जाते हैं। लोगों का मानना है कि उपजिला अस्पताल शुरू होने से पूरे क्षेत्र के स्वास्थ्य ढाँचे में सुधार आएगा।
एक स्थानीय निवासी ने बताया, “अगर यहाँ विशेषज्ञ डॉक्टर और आपातकालीन सुविधाएँ उपलब्ध हो जाएँ तो चौखुटिया, दूधातोली और दूरस्थ गाँवों के लोगों को जीवन रक्षक सुविधा मिलेगी।”
अगले 20 दिनों पर टिकी निगाहें
आंदोलन अब 20 दिनों के लिए स्थगित है, लेकिन स्थानीय जनता उम्मीद कर रही है कि इस अवधि में सरकार द्वारा घोषित कदमों का प्रभाव धरातल पर दिखने लगेगा। आंदोलनकारियों ने संकेत दिया है कि यदि प्रगति संतोषजनक नहीं हुई, तो आंदोलन पुनः शुरू किया जा सकता है।
फिलहाल, चौखुटिया में आंदोलन स्थगित होने के बाद माहौल शांत है और लोग सकारात्मक विकास की प्रतीक्षा कर रहे हैं।






