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बेटे ने एक महीने पहले ही पिता की हत्या की योजना बना ली थी, 3 गिरफ्तार

हरिद्वार: पुलिस ने वायुसेना के सेवानिवृत्त कर्मचारी जगदीश सिंह की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है, जिसमें सामने आया है कि यह घटना अचानक नहीं बल्कि उसके स्वयं के बेटे द्वारा करीब एक महीने पहले रची गई सुनियोजित साजिश थी। पहले इसे हाईवे पर लिफ्ट देने के दौरान हुई हत्या माना जा रहा था, लेकिन जांच में पूरी कहानी पलट गई।

पुलिस के अनुसार, 62 वर्षीय जगदीश सिंह की नवम्बर 28 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रारंभिक जांच में हमलावरों को बाहरी माना जा रहा था, लेकिन बाद में पुलिस को बेटे के बयान और गतिविधियों में कई विरोधाभास दिखाई दिए। इसी आधार पर जब उसकी कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैट और वित्तीय लेनदेन खंगाले गए तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं।

हमारे संवाददाता बताते हैं कि पुलिस पूछताछ में बेटे ने लगातार अपने बयानों में गलती की, जिसके बाद जांच टीमें और सतर्क हो गईं। फॉरेंसिक टीम ने घर से एक हस्तलिखित नोट और एक डिजिटल स्क्रिप्ट भी बरामद की है, जिसमें हत्या से जुड़ी पूरी योजना, स्थान, समय, भागने का रास्ता और हमलावरों को दिए जाने वाले निर्देश तक दर्ज थे।

हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने मामले को “पूरी तरह से पूर्व नियोजित हत्या” बताया।
उन्होंने कहा, “यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी। बेटे ने कई दिनों तक योजना बनाई, शूटरों से संपर्क किया, पैसे की व्यवस्था की और पुलिस को गुमराह करने के लिए कहानी भी तैयार की।”

जांच में सामने आया है कि आरोपी बेटे ने अवैध हथियार सप्लाई से जुड़े एक परिचित के माध्यम से दो शूटरों से संपर्क साधा। हत्या से कुछ दिन पहले उन्हें अग्रिम भुगतान भी किया गया था। पुलिस ने यह भी पता लगाया कि हत्या वाले दिन उपयोग किए गए वाहन का रूट उसी प्लान से मेल खाता है, जो नोट और डिजिटल स्क्रिप्ट में दर्ज था।

पुलिस का मानना है कि संपत्ति विवाद और पारिवारिक तनाव इस हत्या की मुख्य वजह रहे होंगे।

एक अधिकारी ने बताया, “परिवार में लंबे समय से आर्थिक विवाद चल रहा था। पिता द्वारा कुछ संपत्ति नामांकन बदले जाने के बाद आरोपी नाराज था और तभी से उसने योजना बनानी शुरू की।”

मामले से जुड़े दो शूटरों को मुजफ्फरनगर और रुड़की से गिरफ्तार किया गया। उनके मोबाइल फोन की लोकेशन और निगरानी के आधार पर पुलिस उनकी पहचान तक पहुँची। पूछताछ में शूटरों ने हत्या की साजिश का खुलासा किया और बताया कि बेटे ने उन्हें बड़ी रकम देने का वादा किया था। हत्या में इस्तेमाल देसी पिस्तौल भी बरामद कर ली गई है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि परिवार में कुछ समय से तनाव चल रहा था, लेकिन किसी ने भी अनुमान नहीं लगाया था कि स्थिति इतनी भयावह हो जाएगी।

एक पड़ोसी ने कहा, “जगदीश जी बहुत शांत और सम्मानित व्यक्ति थे। किसी ने सोचा भी नहीं था कि उनका बेटा ऐसा कदम उठा सकता है।”

जगदीश सिंह भारतीय वायुसेना में तकनीशियन थे और बीते दस वर्षों से हरिद्वार में रह रहे थे। उनकी मौत के बाद शुरू में इसे हाईवे पर बढ़ते अपराधों का मामला माना जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच की दिशा बदलने के बाद पूरे जिले में लोगों में हैरानी फैल गई है।

पुलिस के अनुसार, बेटे ने अपनी भूमिका छिपाने के लिए शुरुआत में खुद को दुखी दिखाया और खोजबीन में भी शामिल हुआ, लेकिन सीसीटीवी फुटेज में उसका दावा झूठा साबित हुआ।

एक अधिकारी ने कहा, “उसने अलिबाई बनाने की कोशिश की, लेकिन डिजिटल सबूत धोखा नहीं देते।”

पुलिस ने बेटे समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी के खिलाफ हत्या, साजिश, अवैध हथियार रखने और सबूत नष्ट करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

साइबर टीम अब आरोपी के मोबाइल और लैपटॉप से डिलीट किए गए चैट और दस्तावेज़ भी रिकवर कर रही है। पुलिस अगले कुछ दिनों में चार्जशीट दाखिल करेगी।

घटना ने हरिद्वार में आक्रोश पैदा कर दिया है, और लोग मामले का फास्ट-ट्रैक ट्रायल करने की मांग कर रहे हैं। जिले में पुलिस ने हाईवे और संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है।

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