देहरादून: आगामी मतदाता सूची पुनरीक्षण की तैयारियों के तहत, प्रदेश भाजपा ने घोषणा की कि ३१ दिसम्बर तक प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों पर बूथ स्तरीय प्रतिनिधि नियुक्त किए जाएंगे। फोकस कीवर्ड बूथ स्तरीय प्रतिनिधि से संबंधित यह निर्णय मंगलवार को आयोजित वर्चुअल समीक्षा बैठक के बाद लिया गया। पार्टी का लक्ष्य राज्य के ११७३३ मतदान केंद्रों पर समय सीमा से पहले प्रतिनिधियों की पूर्ण तैनाती सुनिश्चित करना है।
बैठक में पार्टी पदाधिकारियों ने बताया कि बीएलए–१ के रूप में पहली खेप के प्रतिनिधि ७० विधानसभा क्षेत्रों में पहले ही नियुक्त किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब बीएलए–२ की तैनाती को तेजी से पूरा किया जाएगा ताकि वर्ष के अंत तक प्रत्येक बूथ पर कम से कम एक प्रतिनिधि की नियुक्ति हो सके।
हमारे संवाददाता के अनुसार यह कदम राज्य में २०२६ के लिए शुरू की गई विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया से पहले उठाया गया है। मतदान केंद्रों पर बूथ स्तरीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी को मतदाताओं की सहायता, डेटा सत्यापन और पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान किसी भी त्रुटि को रोकने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हमारे संवाददाता ने आगे बताया कि वर्तमान स्थिति में केवल २८३६ प्रतिनिधियों की तैनाती हुई है, जो आवश्यक संख्या ११७३३ से काफी कम है। पार्टी नेतृत्व ने कहा कि संभावित प्रतिनिधियों की सूची तैयार की जा रही है और दस्तावेज़ी प्रक्रिया पूरी होने पर इनकी तैनाती की रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजी जाएगी।
पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि इस योजना के तहत बूथ स्तरीय प्रतिनिधि प्रवासी मतदाताओं और अस्थायी रूप से विस्थापित व्यक्तियों तक पहुँच बनाएंगे, उन्हें अपने मूल मतदान केंद्र पर पंजीकरण कराने हेतु प्रोत्साहित करेंगे और उनके मताधिकार को सुरक्षित रखेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रयास पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में मतदाता सूची की शुद्धता को बेहतर बनाने के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है।
इसी बीच, विपक्षी दलों ने सावधानी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक बूथ पर पार्टी प्रतिनिधियों की नियुक्ति से मतदाताओं की गोपनीयता और सत्यापन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्न उठ सकते हैं। कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन नियमों के पालन और पारदर्शी निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया।
चुनाव विशेषज्ञों ने कहा कि बूथ स्तरीय प्रतिनिधियों जैसी नियुक्तियाँ दिशानिर्देशों के तहत मान्य हैं, पर उनकी गतिविधियों की निगरानी आवश्यक है ताकि किसी प्रकार का दबाव या अनुचित प्रभाव न पड़े। उन्होंने कहा कि मतदाता सहायता और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
३१ दिसम्बर की समय सीमा नजदीक आने के साथ ही प्रदेश भाजपा नेतृत्व पर सभी नियुक्तियों को अंतिम रूप देने का दबाव बढ़ गया है। पार्टी ने कहा कि वह निर्धारित समय तक लक्ष्य पूरा करेगी और संपूर्ण तैनाती विवरण निर्वाचन कार्यालय को सौंप दिया जाएगा। प्रतिनिधियों की तैनाती आगामी वर्ष शुरू होने वाली विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया से पहले एक महत्वपूर्ण चरण होगा।






