देहरादून: पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में एक बैठक की। बैठक में जागेश्वर धाम, महासू देवता, जादूंग, माणा और नीति टिम्मरसैण सहित प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण हो सकें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना के लिए कार्य आरंभ से लेकर पूर्णता तक स्पष्ट समय निर्धारण किया जाए और इसके लिए चरणबद्ध पर्ट चार्ट तैयार किया जाए।
हमारे संवाददाता के अनुसार, मुख्य सचिव ने भूमि हस्तांतरण और भूमि अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रियाओं में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी के कारण विकास कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए।
मुख्य सचिव ने कैंची धाम में प्रस्तावित नए पैदल पुल के निर्माण कार्य और जादूंग में फेस्टिव ग्राउंड के विकास कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए अतिरिक्त श्रमिकों की आवश्यकता हो, तो उनकी संख्या तत्काल बढ़ाई जाए।
हमारे संवाददाता ने बताया कि बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर बाधा न आए। मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन स्थलों के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के पर्यटन स्थलों को सुव्यवस्थित, सुविधाजनक और आकर्षक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और सभी कार्य तय मानकों के अनुसार पूरे किए जाएं।
बैठक में सचिव श्री धीराज सिंह गर्ब्याल, जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल, अपर सचिव श्री अभिषेक रुहेला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
हमारे संवाददाता के अनुसार, समीक्षा बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करें और किसी भी समस्या की जानकारी समय रहते उच्च स्तर पर साझा करें, ताकि समाधान शीघ्र किया जा सके।






