देहरादून में 19 वर्षीय छात्रा को टक्कर मारकर फरार हुई कार को पुलिस ने आखिरकार ढूंढ निकाला है। यह घटना 23 अक्टूबर की है, जब एक तेज़ रफ़्तार कार ने 19 वर्षीय एलएलबी प्रथम वर्ष की छात्रा प्रज्ञा सिंह को सरोवर होटल के पास टक्कर मार दी थी और मौके से फरार हो गई थी। कार की पहचान रुड़की क्षेत्र से जुड़ी होने की पुष्टि हुई है और अब चालक की तलाश जारी है।
यह हादसा तब हुआ जब प्रज्ञा सिंह, जो उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय की छात्रा हैं, अपने 13 वर्षीय भाई के साथ घर लौट रही थीं। शाम करीब 4 बजे एक काली रंग की कार ने उन्हें पीछे से टक्कर मारी और तेज़ी से भाग निकली। हादसे में प्रज्ञा गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि उनका छोटा भाई सदमे में आ गया और कार का नंबर नोट नहीं कर सका।
हमारे संवाददाता के अनुसार, पटेलनगर थाना पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिनमें सात काली कारें संदिग्ध पाई गईं। विस्तृत जांच के बाद पुलिस ने एक कार की पहचान की जो घटना में शामिल थी। वाहन को बरामद कर लिया गया है और हिट एंड रन के तहत मामला दर्ज किया गया है।
थाना प्रभारी चन्द्रभान अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध कार के मालिक की पहचान कर ली गई है, जो रुड़की क्षेत्र का निवासी है। उन्होंने कहा, “हमने वाहन बरामद कर लिया है और चालक की तलाश जारी है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।”
प्रज्ञा सिंह फिलहाल गंभीर हालत में अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं। सिर में गहरी चोट लगने के कारण उनका ऑपरेशन किया गया है और उन्हें कोमा में रखा गया है। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी स्थिति नाजुक लेकिन स्थिर है। उनकी मां आशा सिंह ने बताया कि 2013 में पति की मृत्यु के बाद प्रज्ञा ही परिवार का सहारा थीं। उन्होंने कहा, “मेरी बेटी मेहनती और जिम्मेदार थी। अब हम उसकी सलामती के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं।”
हमारे संवाददाता बताते हैं कि पुलिस ने देहरादून और रुड़की दोनों क्षेत्रों में जांच तेज़ कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के समय कार कौन चला रहा था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वाहन एक बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा चलाया जा रहा था, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शहर में सड़क सुरक्षा को लेकर नए कदम उठाए जा रहे हैं। ट्रैफिक विभाग ने सीसीटीवी कवरेज की समीक्षा शुरू कर दी है और प्रमुख चौराहों पर एएनपीआर कैमरे (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) लगाने की योजना बनाई जा रही है।
सामाजिक संगठनों और सड़क सुरक्षा कार्यकर्ताओं ने इस घटना को गंभीर चिंता का विषय बताया है। उनका कहना है कि सड़क पर बढ़ती लापरवाही और तेज़ गति से वाहन चलाने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाना ज़रूरी है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया प्रणाली को भी मज़बूत किया जाए।
पुलिस ने कहा कि वाहन की बरामदगी जांच में एक बड़ी सफलता है और अब चालक की गिरफ्तारी प्राथमिकता है। जांच दल वाहन की तकनीकी जांच कर रहा है ताकि दुर्घटना के सटीक कारणों का पता चल सके।
हमारे संवाददाता के अनुसार, इस घटना ने एक बार फिर देहरादून में सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। भीड़भाड़ वाली सड़कों, अपर्याप्त ट्रैफिक नियंत्रण और लापरवाह ड्राइविंग के कारण पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।






