नैनीताल: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार सुबह नैनीताल में मॉर्निंग वॉक के दौरान स्थानीय निवासियों, पर्यटकों और स्कूली बच्चों से भेंट कर उनके सुझाव सुने और संवाद किया। नगर के विभिन्न हिस्सों में जनता से उनकी यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता से प्रत्यक्ष संवाद सरकार को जमीनी जरूरतों को समझने में सबसे अधिक सहायक होता है।
सुबह सैर के दौरान मुख्यमंत्री स्थानीय चाय विक्रेता भरत की दुकान पर भी पहुंचे और वहाँ चाय पीते हुए उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा, “लोगों के बीच सीधे आने का उद्देश्य यह है कि हम उनकी अपेक्षाओं को समझें और विकास कार्यों को उसी अनुसार आगे बढ़ाएँ।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आमजन की बात सुनना उनकी प्राथमिकता है और उनके सुझावों पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने इसके बाद मानस खंड मिशन के अंतर्गत नैना देवी मंदिर परिसर में चल रहे सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें प्रगति की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा, “नैना देवी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आस्था का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। इसे और भव्य स्वरूप देने के लिए सभी कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे किए जाएँ।”
सरकार द्वारा नैना देवी मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 11 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन धनराशि से मंदिर परिसर में मार्ग चौड़ीकरण, प्रकाश व्यवस्था, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में विस्तार, परिदृश्य-सुधार और सुरक्षा-मानकों के उन्नयन जैसे कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इन कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने मानस खंड मिशन के अन्य कार्यों की प्रगति भी जानी। डीएसए मैदान के सुधार, वलिया नाला क्षेत्र में विकास और ठंडी सड़क पर भूस्खलन सुरक्षा उपायों को लेकर उन्होंने विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने निर्देश दिया कि बरसात के मौसम के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए भूस्खलन सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप किए जाएँ। उन्होंने कहा, “नैनीताल की भौगोलिक संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा-संबंधी सभी कार्य बेहद आवश्यक हैं। इनमें किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि नैनीताल के पर्यटन स्वरूप को और सुदृढ़ करने के लिए शहर में यातायात प्रबंधन, झील संरक्षण और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में आवश्यक योजनाएँ तैयार की जाएँ। उन्होंने कहा कि नैनीताल आने वाले लाखों पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया, “पर्यटन सीजन में यहाँ अत्यधिक भीड़ बढ़ जाती है। हमें पहले से ऐसी व्यवस्थाएँ करनी होंगी जिससे शहर पर अनावश्यक दबाव न पड़े और स्थानीय निवासियों के दैनिक जीवन पर भी कोई नकारात्मक प्रभाव न आए।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मानस खंड मिशन के अंतर्गत धार्मिक स्थलों के विकास से न केवल आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि परियोजना के प्रत्येक कार्य में पारदर्शिता और गुणवत्ता सरकार की प्राथमिकता है।
निरीक्षण कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टी.सी. और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि सभी परियोजनाएँ निर्धारित समयसीमा में पूरी होंगी और कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने स्थानीय लोगों से बातचीत में कहा कि उत्तराखंड सरकार विकास और आस्था दोनों के संतुलन पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, “हमारी कोशिश है कि उत्तराखंड को धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनाया जाए। नैनीताल सहित हर क्षेत्र में विकास तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।”
रिपोर्ट का समापन करते हुए स्पष्ट होता है कि मुख्यमंत्री की यह यात्रा विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ जनता से सीधे संवाद स्थापित करने का भी अवसर बनी।






