देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में अखंड भारत के शिल्पकार, महान स्वतंत्रता सेनानी तथा भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और अतिथियों ने भी सरदार पटेल के योगदान को स्मरण किया।
हमारे संवाददाता बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि सरदार पटेल ने भारत के नवनिर्माण में जो ऐतिहासिक भूमिका निभाई, वह विश्व इतिहास में अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश अनेक रियासतों में विभाजित था और राजनीतिक परिदृश्य चुनौतीपूर्ण था, ऐसे समय में सरदार पटेल ने अपने अदम्य साहस, कूटनीतिक कौशल और राष्ट्रनिष्ठ संकल्प के बल पर रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत की मजबूत नींव रखी।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा, सरदार पटेल का जीवन हमें बताता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रीयहित को सर्वोपरि रखने की भावना से असंभव को भी संभव किया जा सकता है। देश की एकता, अखंडता और समरसता के प्रति उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी भारतवासियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक है, जो लौहपुरुष की महानता और उनके योगदान की याद दिलाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने भारतीय प्रशासनिक ढांचा, अखिल भारतीय सेवाओं की अवधारणा और राष्ट्र की सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में दूरगामी निर्णय लिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक भारत के प्रशासनिक ढांचे की नींव सरदार पटेल ने रखी। वे समझते थे कि एक मजबूत प्रशासन और अनुशासित तंत्र ही राष्ट्र को प्रगति की राह पर आगे ले जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सरदार पटेल के सपनों के अनुरूप मजबूत, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए व्यापक सुधार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्य, बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना और युवाओं में राष्ट्रभावना को प्रोत्साहित करना सरदार पटेल की ही विचारधारा का विस्तार है।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने सरदार पटेल के योगदान को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन भारतीय इतिहास का अमर अध्याय है। सरदार पटेल ने किसान आंदोलन, आजादी की लड़ाई, प्रशासनिक सुधार तथा रियासतों के एकीकरण जैसे अनेक क्षेत्रों में नेतृत्व करते हुए देश को एक सूत्र में पिरोया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ी को सरदार पटेल के जीवन से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा, आज के दौर में जब राष्ट्र तेजी से प्रगति कर रहा है, आवश्यक है कि हम सभी एकजुट होकर अखंड भारत के संकल्प को और मजबूत बनाएं। सरदार पटेल ने जो भारत का स्वरूप गढ़ा, उसे सशक्त बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि उत्तराखंड की वीरभूमि ने भी हमेशा राष्ट्र की एकता और सुरक्षा के लिए अप्रतिम योगदान दिया है। सरदार पटेल का जीवन हमें प्रेरित करता है कि धर्म, भाषा और क्षेत्र से ऊपर उठकर राष्ट्रहित सर्वोपरि है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे सरदार पटेल की शिक्षाओं और आदर्शों को व्यवहार में उतारें और देश की प्रगति में अपना योगदान दें।
कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों और कर्मियों ने सरदार पटेल के आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया।






