उत्तराखंड रजत जयंती
उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूकाडा) की ओर से ड्रोन लाइट शो का आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में परंपरा और तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम ने राज्य की संस्कृति, अध्यात्म और प्राकृतिक सौंदर्य को उजागर करते हुए एक नई पहचान स्थापित की।
शो में 300 से अधिक ‘मेक इन इंडिया’ ड्रोन ने आसमान में 12 से अधिक रंगीन आकृतियाँ बनाईं। शुरुआत देवभूमि उत्तराखंड को समर्पित दृश्य से हुई, जिसमें भगवान शिव की जटाओं से गंगा अवतरण का दृश्य प्रदर्शित किया गया। इसके बाद 25 वर्षों की राज्य यात्रा, ॐ गैलेक्सी, त्रिशूल, डमरू, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के प्रतीक आसमान में उभरे।
ड्रोन ने इसके बाद राज्य की संस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित किया। इनमें राज्य पक्षी हिमालयन मोनाल, छोलिया नृत्य, लोक वाद्य यंत्र, लाड़ी परंपरा और कुमाऊंनी पोशाक की झलक शामिल थी। समापन में हेलीकॉप्टर और यूकाडा का प्रतीक चिह्न दिखाया गया, जो राज्य की प्रगति और नई उड़ान का प्रतीक बना।
यूकाडा के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस.एस. टोलिया ने कहा कि उत्तराखंड परंपरा और नवाचार का संगम है।
“यह ड्रोन शो हमारी सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है और रचनात्मक पर्यटन की नई दिशा प्रस्तुत करता है,” उन्होंने कहा। “रजत जयंती पर हम उस भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं जहाँ परंपरा और तकनीक साथ-साथ चलती हैं।”
यह आयोजन ड्रोन तकनीक आधारित दृश्य प्रस्तुति के माध्यम से सतत और रचनात्मक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
कार्यक्रम का संचालन सचिव सचिन कुर्बे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस.एस. टोलिया, ऑपरेशंस हेड रंधीर कटोच, और वित्त नियंत्रक दीपक चंद भट्ट के नेतृत्व में किया गया।
देहरादून के आसमान में सजे इन रंगीन ड्रोन ने उत्तराखंड की 25 वर्ष की यात्रा को एक अनोखी दृश्य कथा के रूप में प्रस्तुत किया — एक ऐसी देवभूमि जो परंपरा के साथ तकनीक के पंखों पर उड़ान भर रही है।






