होमउत्तराखंडमुख्यमंत्री धामी ने ४७वें अखिल भारतीय जनसंपर्क सम्मेलन का उद्घाटन किया

मुख्यमंत्री धामी ने ४७वें अखिल भारतीय जनसंपर्क सम्मेलन का उद्घाटन किया

देहरादून: देहरादून में आयोजित ४७वें अखिल भारतीय जनसंपर्क सम्मेलन का उद्घाटन शनिवार को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन १३ दिसंबर से १५ दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश और विदेश से जनसंपर्क एवं संचार क्षेत्र के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलन कर सम्मेलन का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने सम्मेलन स्थल पर लगाई गई फोटो प्रदर्शनी तथा स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़े स्टॉलों का भी निरीक्षण किया और कारीगरों के प्रयासों की सराहना की।

हमारे संवाददाता बताते हैं कि यह सम्मेलन पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) द्वारा आयोजित किया गया है। सम्मेलन की थीम “विकसित भारत @ २०४७ में जनसंपर्क की भूमिका” रखी गई है। सम्मेलन में मीडिया, डिजिटल संचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, गलत सूचना से निपटने और अंतरराष्ट्रीय जनसंपर्क जैसे विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे।

हमारे संवाददाता जोड़ते हैं कि सम्मेलन में रूस से आए प्रतिनिधि माइकल मासलोव और यूलिया डेविडेंको की उपस्थिति ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया है। सम्मेलन में सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, निजी संस्थानों, शिक्षाविदों और मीडिया क्षेत्र से जुड़े सैकड़ों प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “आज के डिजिटल युग में जनसंपर्क केवल सूचना देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सरकार और समाज के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी है।” उन्होंने कहा कि सूचना के अतिरेक और भ्रामक सूचनाओं के दौर में सटीक, समयबद्ध और विश्वसनीय संवाद की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे संवेदनशील और भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण राज्य में जनसंपर्क को औपचारिकता नहीं, बल्कि सहभागिता और विश्वास का माध्यम बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन, सुशासन, पर्यटन और धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रभावी संचार की भूमिका निर्णायक होती है।

हमारे संवाददाता बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड से विकसित भारत @ २०४७ के लक्ष्य को लेकर उठाया गया यह विमर्श देश की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस सम्मेलन से निकले विचार नीति निर्माण और जनसंचार के क्षेत्र को नई दिशा देंगे।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, रेल और हवाई संपर्क के क्षेत्रों में लगातार प्रगति हो रही है। उन्होंने ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे और रोपवे परियोजनाओं को राज्य के लिए परिवर्तनकारी बताया।

उन्होंने कहा कि शीतकालीन पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, साहसिक पर्यटन और फिल्म नीति के माध्यम से उत्तराखंड को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निवेश और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां और सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद मुनि, पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अजीत पाठक, देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष श्री रवि बिजारनिया सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

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